नो एंट्री जोन में रोक के बावजूद व्यावसायिक वाहनों की एंट्री लगातार सड़क हादसों की वजह बनी हुई है। पिछले कुछ महीनों में पेश आए सड़क हादसों की वजह व्यावसायिक वाहन बने हैं। ऐसे में एसएसपी ने 28 जनवरी 2016 को नो एंट्री में भारी और हल्के व्यावसायिक वाहनों की एंट्री का शैड्यूल जारी किया था। हैरत की बात यह है कि चौराहों पर तैनात पुलिसकर्मी अपने बिग बॉस के आदेशों का अनुपालन कराने में विफल रहे हैं। ऐसे में उनकी कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
बृहस्पतिवार को अमर उजाला टीम ने शहर के नो एंट्री जोन का भ्रमण कर हकीकत जानने का प्रयास किया। शहर के अनेक प्रतिबंधित क्षेत्रों में वाहन पाए गए। दीवानी तिराहे पर दिनभर व्यावसायिक वाहनों की आवाजाही मिली।
दोपहर 12:30 बजे भारी वाहन गुजरता मिला, जिसे कैमरे में कैद कर लिया गया। जोगियान पुल पर दोपहर एक बजे भारी वाहन मिला। इसी प्रकार पुल खुमरान पर दोपहर सवा एक बजे और चकराता रोड पर दोपहर दो बजे भारी वाहन चलता मिला।
यह हालत तब है, जब एसएसपी आरपीएस यादव ने सप्ताह भर पहले 28 जनवरी को नो एंट्री जोन में हल्के और भारी व्यावसायिक वाहनों की एंट्री पर सुबह छह बजे से रात दस बजे तक पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। कुछ क्षेत्रों में यह प्रतिबंध प्रात: पांच बजे से रात 11 बजे तक है।
इसके बावजूद दिनभर नो एंट्री जोन में भारी और हल्के व्यावसायिक वाहन एंट्री पा रहे हैं, जिससे चौराहों पर तैनात पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली और नीयत सवाल उठने लाजिमी हैं। चौराहों और तिराहों पर तैनात पुलिसकर्मियों को अक्सर प्रतिबंधित वाहन चालकों से रुपये लेते देखा जाता रहा है। करीब डेढ़ साल पहले तत्कालीन एसएसपी राजेश पांडेय ने शिकायत मिलने पर सीओ को विश्वकर्मा चौक पर भेजा था।
सीओ ने वहां पुलिसकर्मियों को वाहन चालकों से उगाही करते पकड़ा था, जिनके खिलाफ कार्रवाई भी की गई थी। उससे पहले एसएसपी ने नागल से पुलिसकर्मियों को वाहन चालकों से पैसे लेते पकड़ा था, जिसके बाद एवं पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की गई थी।
यह हैं नो एंट्री जोन में एंट्री के प्वाइंट्स
हसनपुर चुंगी, विश्वकर्मा चौक, राकेश केमिकल, अंबाला रोड स्थित नकुड़ तिराहा, देहात कोतवाली, चिलकाना चौकी, मल्हीपुर रोड चौकी और मानकमऊ पुलिस चौकी।
अधिकारी कहिन
हमने भारी और हल्के व्यावसायिक वाहनों के नो एंट्री जोन में घुसने का समय निर्धारित किया हुआ है। यदि कोई वाहन चालक नियम तोड़कर नो एंट्री जोन में घुसता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि नो एंट्री जोन में प्रतिबंधित वाहनों की एंट्री कराने की कोई सुबूत सहित शिकायत मिलती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- आरपीएस यादव, एसएसपी।