सहारनपुर में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में प्रदेश सरकार हाईवे से पांच सौ मीटर के दायरे में स्थित शराब की दुकानों को हटवा रही है। मुहिम से एक कदम आगे जाते हुए उलमा ने मुस्लिम समाज के लोगों से शराब से तौबा करने की अपील की है।
इतना ही नहीं, फैसला लिया है कि शराब न छोड़ने वालों की मौत पर कोई भी इमाम या मौलाना जनाजे की नमाज अदा नहीं कराएगा। शुक्रवार को कारी इसहाक गोरा के चिलकाना रोड स्थित आवास पर हुई ऑल इंडिया जमीयत दवातुल मुसलमीन एंड इमाम सहारनपुर की बैठक में अनेक इमामों और बुद्घिजीवियों ने शिरकत की।
गोरा ने प्रदेश सरकार द्वारा अवैध बूचड़खाने बंद कराने की सराहना की। साथ ही शराब की बिक्री पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की। इस दौरान छह सदस्यीय कमेटी गठित की गई, जिसमें मौलाना शाकिर, काजी शमीम, मौलाना फैसल सिद्दीकी, कारी असजद कासमी, इसरार चौधरी और मौलाना शौकत को रखा गया है।
निर्णय लिया गया है कि कमेटी सदस्य अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर इमामों से भेंट करेंगे। साथ ही मुस्लिम समाज के लोगों को शराब के नुकसान बताते हुए इसे छोड़ने की अपील करेंगे।
चेतावनी दी कि यदि कोई शराब नहीं छोड़ता है और उसकी मौत हो जाती है तो कोई भी मौलाना या इमाम जनाजे की नमाज अदा नहीं कराएगा। मौलाना जहीर फात्मी ने नमाजे जनाजा नहीं पढ़ने के फैसले को ऐतिहासिक और सुधार करने वाला बताया।
कारी इसहाक गोरा सार्वजनिक तौर पर शराब पीने वालों का बहिष्कार करने की अपील की। बैठक में मुख्य रूप से मुफ्ती अरशद गोरा, मौलाना अब्दुल रहमान कासमी, मौलाना वकील कासमी, हाफिज हारून दिलकश, हकीम दाउद, डॉ. अजीज शाह, आरिफ खान समेत अनेक बुद्घिजीवी मौजूद रहे।