बिहार निवासी नौ मजदूरों का नहीं लगा सुराग
छुटमलपुर/बिहारीगढ़ (सहारनपुर)। पटाखा फैक्टरी में हुए अग्निकांड की दहशत से सतपुरा गांव के लोग अभी उबरे नहीं हैं। घटना के 36 घंटे बाद भी उनके चेहरों पर दहशत साफ दिख रही है। आग में झुलसे तीन लोगों को यमुनानगर (हरियाणा) स्थित अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां एक महिला की हालत चिंताजनक बनी हुई है। फैक्टरी में बिहार निवासी नौ मजदूर भी रहते थे। अग्निकांड के बाद से उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया है। उनका सामान जल गया है। यह भी माना जा रहा है कि वे डर के मारे कहीं भाग गए हैं।
शुक्रवार की सुबह सतपुरा गांव के जंगल में स्थित जय बालाजी पटाखा फैक्टरी में आग लगने से दस मजदूर झुलस गए थे। इस मामले में गांव सतपुरा निवासी नाथीराम की तहरीर पर फैक्टरी मालिक अमित कुमार निवासी विकासनगर पानीपत और फैक्टरी की देखरेख करने वाले सुनील अग्रवाल के खिलाफ बिहारीगढ़ थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। एसपी देहात डॉ. अशोक कुमार मीणा ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी का प्रयास चल रहा है, जल्दी ही गिरफ्तार किया जाएगा।
शनिवार को दिन भर पटाखा फैक्टरी पर सन्नाटा पसरा रहा। पुलिसकर्मी फैक्टरी की निगरानी कर रहे हैं। सतपुरा गांव के पवन, सतबीरी, पाल्ला, सत्तो, रानी, सावित्री आदि का कहना है कि वो मंजर याद कर अब तक दहशत हो रही है। शनिवार दोपहर में पूर्व विधायक महावीर सिंह राणा सतपुरा पहुंचे और उन्होंने बताया कि घायलों के निशुल्क उपचार के साथ ही प्रभावित परिवारों को फैक्टरी मालिक से मुआवजा भी दिलाया जाएगा। इस दौरान उनके साथ जिला पंचायत सदस्य सुशील राणा, जिला उपाध्यक्ष सोनेंद्र राणा, डायरेक्टर चौधरी राजबीर सिंह, अभय राणा, मंडल अध्यक्ष दूबे सिंह कांबोज, लोकेश त्यागी, सुभाष सैनी, रजनीश राणा, मा रणवीर सिंह कुरड़ी खेड़ा, अंकित वर्मा, रविंद्र प्रधान आदि रहे।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी ने जाना मजदूरों का हाल
छुटमलपुर। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. ओपी गुप्ता और मुजफ्फराबाद ब्लाक की प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. मीनू गोयल ने शनिवार को गांव सतपुरा पहुंचकर उपचार करा रहे अग्निकांड पीड़ितों विकास, अनिल, अरुण, अमनदीप, धीरज मित्तल, प्रदीप के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। उन्होंने मजदूरों से कहा कि कोई भी परेशानी होने पर एंबुलेंस मंगाकर जिला अस्पताल आ सकते हैं।
फैक्टरी मालिक ने लगाया बंधक बनाने का आरोप
छुटमलपुर। पटाखा फैक्टरी मालिक अमित कुमार ने बताया कि वे हादसे के वक्त मौके पर थे और उन्होंने आग बुझाने का प्रयास किया, मजदूरों को बाहर निकलवाया। फैक्टरी में आटोमेटिक फायर सेफ्टी प्लांट लगा था, लेकिन आग भड़क उठी। लोगों ने उन पर हमला कर दिया तब वे जान बचाकर भागे। आरोप है कि तीन चार बाइकों पर आए कुछ बाहरी युवकों ने मारपीट की और उन्हें दिन भर जंगल में बंधक बनाकर इधर-उधर घुमाते रहे। शाम को उनके हाथ पैर जोड़कर वह छूटे और पुलिस को फोन कर जानकारी दी। फैक्टरी में किशोरों से काम कराने के आरोप को उन्होंने गलत बताया। थानाध्यक्ष ने बताया कि कुछ अराजक तत्वों द्वारा कार में तोड़फोड़ और फैक्टरी मालिक के साथ मारपीट का मामला उनकी जानकारी में है। फैक्टरी मालिक की तरफ से कोई शिकायत नहीं मिली है। वे खुद फैक्टरी मालिक को तलाश रहे हैं।
सतपुरा में ग्रामीणों से बात करता भाजपा प्रतिनिधिमंडल- फोटो : SAHARANPUR