सहारनपुर में वायु प्रदूषण पर एनजीटी (राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण) और हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच की सख्ती के बाद शासन हरकत में आया है। विशेष सचिव ने प्रदेश के सभी कमिश्नर, डीएम और नगरायुक्तों को एनजीटी और कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए वायु प्रदूषण रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा है।
दिवाली के बाद से एनसीआर के साथ ही उत्तर भारत की हवा में कई दिन तक धुंध जमे रहने के बाद से एनजीटी ने सख्त रुख अपनाया हुआ है। एनजीटी ने उत्तर भारत के संबंधित अधिकारियों और मौसम वैज्ञानिकों को दिल्ली बुलाकर फटकर लगाते हुए जरूरी दिशा निर्देश दिए।
हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने भी इसे गंभीरता से लिया है। लखनऊ बेंच ने स्वत: संज्ञान लेते हुए सरकार को जरूरी कदम उठाने के आदेश जारी किए हैं। कोर्ट के आदेश के बाद सरकार की नींद टूटी है।
विशेष सचिव डॉ. अनिल कुमार सिंह ने प्रदेश के सभी कमिश्नर, डीएम, नगरायुक्तों, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों, नगर निगम के मुख्य अभियंता को वायु प्रदूषण रोकने की दिशा में कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
पॉलीथिन पर प्रतिबंध लगाने के आदेश ः सहारनपुर। पॉलीथिन मृदा और वायु प्रदूषण का अहम कारण बन रही है। यही वजह है कि कोर्ट इस पर प्रतिबंध लगा चुकी है। मगर जिला प्रशासन पॉलीथिन पर प्रतिबंध को लागू नहीं करा सका है।
हालांकि पिछले वर्ष जिला प्रशासन ने पॉलीथिन पर प्रतिबंध लगवाने का प्रयास किया था, मगर पॉलीथिन उत्पादन से जुड़े उद्यमियों, व्यापारियों और मजदूरों ने आंदोलन शुरू कर दिया था। अब विशेष सचिव ने कमिश्नर और डीएम को पॉलीथिन पर पूर्णत: प्रतिबंध लगाने के आदेश दिए हैं।