सहारनपुर। अखबार केवल सूचनाएं देने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह ज्ञान का भंडार है, जिसमें देश और विदेश की हर क्षेत्र के मौजूदा घटनाक्रम और उतार-चढ़ाव की जानकारी रहती है।
प्रतिदिन समाचार पत्र पढ़ने वाला व्यक्ति सामान्य लोगों की तुलना में अधिक ज्ञानी माना जाता है। यदि विद्यार्थी दुनियाभर में घट रही घटनाओं को लेकर अपडेट रहना चाहते हैं तो उन्हें अखबार जरूर पड़ना चाहिए। यह कहना है जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. अरविंद कुमार पाठक और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कोमल का।
जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि करीब एक दशक से पढ़ने की आदत छूट रही है। विद्यार्थी पाठ्यक्रम की किताबें भी नहीं पढ़ना चाहते और शॉर्टकट चाहते हैं। इसीलिए मॉडल पेपर पढ़ते हैं।
यही वजह है कि शिक्षा के स्तर में गिरावट आई है। यदि वह पढ़ने की आदत विकसित करना चाहते हैं तो उन्हें अखबार पढ़ने से शुरुआत करनी चाहिए। अखबार केवल आसपास और दुनिया में घट रही घटनाओं की सूचना नहीं देता, बल्कि यह ज्ञान अर्जन का बड़ा माध्यम है। सिविल सेवाओं की तैयारी करने वाले युवा भी अखबार पढ़ते हैं, क्योंकि अखबार के माध्यम से प्रतिदिन की घटनाओं की सटीक और तथ्यात्मक जानकारी मिलती है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कोमल का कहना है कि वह खुद शुरू से अखबार पढ़तीं आईं हैं। अखबार पढ़ने से उन्हें बहुत लाभ हुआ। अखबार का संपादकीय पेज बहुत महत्वपूर्ण रहता है। साथ ही अखबार में देश और विदेश की घटनाओं की जानकारी, खेल, बिजनेस, शिक्षा सहित तमाम जानकारी विस्तार से रहती हैं।
प्रतिदिन अखबार पढ़कर छात्र खुद को अपडेट रख सकते हैं। नियमित रूप से अखबार पढ़ने वालों का सामान्य ज्ञान आम लोगों से कहीं अधिक रहता है, जो उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं में भी मदद करता है। सभी बच्चों को शुरू से अखबार पढ़ने का आदत बनानी चाहिए।