सहारनपुर। बीते एक माह में सरसों के तेल सहित अनेक खाद्य पदार्थों के दामों में भारी बढ़ोत्तरी हुई है। यह स्थिति तब है, जबकि ना आवक की कमी और ना ही उत्पादन की। इससे साफ है कि कोरोना कर्फ्यू और रमजान माह में मुनाफाखोर सक्रिय हो गए हैं और आम लोगों को महंगाई की मार झेलनी पड़ रही है।
दामों में लगातार इजाफा हो रहा है। पीली सरसों का तेल 190 और काली सरसों का तेल 180 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है, जबकि एक माह पूर्व पीली सरसों का तेल कीमत 150 और काली सरसों की तेल की कीमत 140 प्रति लीटर था। वहीं, बीते वर्ष 120 और 130 रुपये प्रति लीटर के दाम से सरसों का तेल बिका है, लेकिन कोरोना कर्फ्यू लगने और रमजान माह शुरू होने के साथ ही दामों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। वहीं, मंडी में किसी भी खाद्य पदार्थ की आवक की कमी नहीं है और न ही किसी पदार्थ का उत्पादन कम हो रहा है। इसके बावजूद दाम बढ़ने की वजह साफ है कि थोक और फुटकर कारोबारी ज्यादा मुनाफाखोरी कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से भी इन पर शिंकजा नहीं कसा जा रहा है, जबकि पिछलों दिनों ने लोगों ने खाद्य पदार्थ के दाम निर्धारित करने की मांग भी प्रशासन की थी। इसको लेकर भूतेश्वनगर निवासी दीपक गुप्ता, पंडित विजय शर्मा ने मांग उठाई थी।
पदार्थ दाम 10 अप्रैल प्रति किलो दाम 10 मई प्रति किलो
सरसों का तेल 150 रुपये लीटर 190 रुपये लीटर
राजमा 115 130
छोले 90 100
काले चने 70 80
अरहर दाल 100 120
उड़द 105 120
धुली उड़द की दाल 110 120
मूंग 100 120
वनस्पति घी 110 140