शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी: डीएम
रामपुर मनिहारान। जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण में कोई लापरवाही नहीं बरती जाए। ग्रामीण स्तर पर जांच के प्रकरणों का उसी दिन यथासंभव समाधान किया जाए। पीड़ित को बार बार एक ही प्रकरण में शिकायत नहीं करनी पडे़।
मंगलवार को रामपुर मनिहारान तहसील परिसर में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस पर 40 शिकायतें मिलीं। जिलाधिकारी ने जमीन संबंधी प्रकरणों की गुण-दोष एवं साक्ष्य के आधार पर निर्णय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जांच कार्यों में पूरी पारदर्शिता बरती जाए।
40 शिकायतों में से राजस्व विभाग की 14, पुलिस विभाग की 10, विकास की नौ, खाद्य एवं रसद विभाग की तीन स्वास्थ्य विभाग की एक, नगर पंचायत की एक और सिंचाई विभाग की दो शिकायतें थी। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. एस चनप्पा, मुख्य विकास अधिकारी प्रणय सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बीएस सोढ़ी, जिला विकास अधिकारी मंशाराम यादव, परियोजना निदेशक दुष्यंत कुमार, उप जिलाधिकारी देवेंद्र पांडेय, सीओ गंगोह चौब सिंह, नायब तहसीलदार रामपुर मनिहारान राहुल कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
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-ये आई शिकायतें-
चरण सिंह ग्राम मौरा ने राजस्व निरीक्षक को गांव के ही राजकुमार के खिलाफ तालाब पर कब्जा करने की शिकायत दी। नरेश निवासी जड़ौदा पांडा ने राजस्व निरीक्षक को गांव के ही बलवीर एवं गुरुदत्त के खिलाफ प्रार्थी के चक पर जाने वाली चकरोड को छुड़वाने के संबंध में शिकायत की। चरण सिंह ग्राम देहरी ने घर पर लगे विद्युत मीटर को बदलवाने की मांग की। पवन कुमार ग्राम हुसैनपुर गांव के ही रामबीर एवं ओमबीर के विरूद्ध स्कूल एवं पंचायत घर की भूमि से अवैध कब्जा हटवाए जाने के लिए राजस्व निरीक्षक से शिकायत की। मोहम्मद अय्यूब निवासी मोहल्ला बंजारन ने अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड द्वितीय के विरूद्ध छापे के दौरान गलत रिपोर्ट दर्ज कराने की शिकायत की। इनके अलावा भी फरियादियों ने संपूर्ण समाधान दिवस में कई शिकायतें अधिकारियों से की।
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तहसील सदर में आई 42 शिकायतें, चार का निस्तारण
सहारनपुर। तहसील सदर उप जिलाधिकारी अनिल कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में 42 शिकायतें आईं। इनमें चार का मौके पर ही निस्तारण करा दिया गया।
तहसील सदर गोपेश तिवारी ने बताया कि शिकायतों में नौ पुलिस विभाग, 19 राजस्व विभाग, दो विद्युत निगम, पांच नगर निगम, दो विकास संबंधी शिकायतें शामिल हैँ। इसके अलावा पूर्ति विभाग संबंधी चार और विशेष भूमि अध्याप्ति विभाग संबंधी एक शिकायत भी आई। इस दौरान तहसील स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।