राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की जिला स्तरीय शिक्षक मार्गदर्शन कार्यशाला का आयोजन किया गया।
बीडी बाजोरिया इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ जिला विद्यालय निरीक्षक राधाकृष्ण तिवारी, जिला समन्वयक डा. संजय जैन, पर्यावरणविद पीके शर्मा और स्कूल के प्रधानाचार्य राजीव रंजन ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
कार्यशाला में जिले के 110 विद्यालयों से आए सक्रिय 190 विज्ञान, गणित और सामाजिक विज्ञान विषय के अध्यापकों ने प्रतिभाग किया। जिला विद्यालय निरीक्षक राधाकृष्ण तिवारी ने कहा कि राष्ट्रीय बाल विज्ञान विश्व की सबसे बड़ी विज्ञान गतिविधि है।
जो अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक संचालित होती है। जिसमें प्रत्येक विद्यालय से विद्यार्थियों को अधिक से अधिक ग्रुप बनाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराकर प्रोजेक्ट तैयार कराने है। जिला समन्वयक डा. संजय जैन ने इस वर्ष के विषय सतत विकास के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी आदि पर प्रोजेकट शोध पत्र बनाने आदि पर प्रकाश डाला।
कहा कि बच्चों को मुख्य विषय और उप विषय पर आधारित शोध पत्र और प्रोजेक्ट तैयार करने हैं। इसमें तीन से पांच बच्चों का समूह बनाकर प्रोजेक्ट और शोध पत्रों को तैैयार किया जाएगा।
एकेडेमिक समन्वयक डा. पीके शर्मा ने कहा कि शिक्षक अपने-अपने शोध पत्रों को तैयार कराकर तहसीलों में होने वाले नोडल आयोजनों में चार नवंबर को प्रतिभाग करेंगे। वहां से चयनित शोध पत्र, प्रोजेक्ट सात नवंबर को जिला स्तर पर प्रतिभाग करेंगे। फिर राज्य स्तर और राष्ट्रीय स्तर पर कार्यक्रम में प्रतिभाग किया जाएगा।
कार्यशाला में दीपक गुप्ता, गौरव मिश्रा, पुनीत जैन, मुकेश कुमार, हर्ष मोहन कुमार, पंकज शर्मा, भारतभूषण त्यागी, सुधीर कुमार चौदयान, देशराज मौर्य, तेजवीर सिंह, करमवीर गुप्ता रहे। संचालन जिला समन्वयक डा. संजय जैन ने किया।