सहारनपुर। बीफार्मा की छात्रा समृद्धि चौधरी ने ‘मेरी आवाज’ नाम से रेडियो एप तैयार किया है। एप बनाने के पीछे मकसद जनता को जागरूक करना है। फिलहाल आप अपने स्मार्ट फोन पर एप डाउनलोड कर फिल्मी गीतों का आनंद ले सकते हैं। मगर भविष्य में रेडियो पर जनहित के कार्यक्रमों का प्रसारण करने की योजना है।
समृद्धि चौधरी सहारनपुर के शारदानगर की रहने वाली हैं, जिनके पिता अमित चौधरी होम्योपैथिक के डॉक्टर हैं, जबकि मां स्मृति चौधरी शिक्षिका हैं। समृद्धि ने बताया कि खाद्य पदार्थों में मिलावट, फल और सब्जियों को तैयार करने में इस्तेमाल हो रही खतरनाक दवाओं के नुकसान, पानी की बर्बादी, तमाम तरह के प्रदूषण, प्लास्टिक के इस्तेमाल तथा गंदगी के नुकसान से आम आदमी अच्छे से वाकिफ नहीं हैं। समृद्धि ने बताया कि समाज में घटने वाली अमानवीय घटनाएं, भ्रष्टाचार आदि लगातार समृद्धि को कचोटती हैं। वह हमेशा सोचती है कि जनता को कैसे जगाया जाए। इसी सोच के साथ उसने पिता के साथ मिलकर रेेडियो एप बनाने की सोची। उसने पिता के साथ मिलकर सप्ताह भर की मेहनत से ‘मेरी आवाज’ नाम का रेडियो एप तैयार किया है, जिस पर सॉफ्टवेयर के माध्यम से कार्यक्रमों का प्रसारण होगा। फिलहाल लोग एप डाउनलोड कर गीतों का आनंद उठा सकते हैं, मगर जल्द ही जनहित से जुड़े कार्यक्रमों का प्रसारण रेडियो एप पर होगा।
साइट पर दे सकते हैं सुझाव
रेडियो एप के साथ ही मेरी आवाज डॉट इन नाम से वेबसाइट भी बनाई गई है, जिस पर जाकर कोई भी व्यक्ति सुझाव दे सकता है। यदि किसी व्यक्ति के पास कोई ऐसा आइडिया है, जिससे जनता का किसी भी तरह का भला हो सकता है वह साइट पर जाकर अपलोड कर सकता है। इसके अलावा यदि कोई लाइव आकर जनहित से जुड़ा कार्यक्रम या साक्षात्कार देना चाहता है तो उसकी भी व्यवस्था है।
यह भी है समृद्धि की विशेषता
समृद्धि को ग्रीनरी यानी हरियाली से गहरा लगाव है। यही वजह है कि वह अपने पैसे से पौधे लगाती रही हैं। बीते दिनों समृद्धि ने स्कूलों में जाकर अपने जमा पैसों से पौधे खरीदकर पौधरोपण किया है। डीएम आलोक कुमार पांडेय और बीएसए रमेंद्र कुमार सिंह उसकी तारीफ कर चुके हैं। स्वच्छता के लिए भी वह काम करती रही है। पिता अमित चौधरी ने 18वें जन्मदिन पर लिटिल हेल्प नाम की संस्था पंजीकृत कराकर दी है। उसे जानवरों से बहुत लगाव है। प्रतिदिन दूध खरीदकर मोहल्ले के कुत्तों को पिलाती रही है। वह हेमवतीनंदन बहुगुणा विश्वविद्यालय श्रीनगर की छात्रा है। वहां भी कुत्तों को खाना खिलाना नहीं छोड़ा है।
मेरी आवाज ऐप रेडियो- फोटो : SAHARANPUR