देवबंद स्थित मोहम्मदपुर अलीपुरा गांव में कक्षा नौ के दलित छात्र मयंक (14) की हत्या कर दी गई। परिजनों ने हत्या का आरोप पड़ोसी गांव मेघराजपुर के एक परिवार पर लगाया है। आरोप है कि परिवार की एक किशोरी ने मयंक को आधी रात फोन कर बुलाया था। इसके बाद उसके परिजनों ने पीट-पीटकर और चाकू से गोदकर मयंक की हत्या कर दी। फिर शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर दंपती और उसके बेटे समेत पांच के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
घटना बृहस्पतिवार देर रात मोहम्मदपुर अलीपुरा गांव की है। पुलिस को दी गई तहरीर में रूपचंद ने बताया कि उनका बेटा मयंक नौवीं कक्षा का छात्र था। रात करीब 12.45 बजे मयंक के पास एक फोन आया, जिसके बाद मयंक घर से बाहर चला गया। कुछ समय बाद घर से थोड़ी दूर शोर-शराबा सुनाई दिया। परिवार के ही पप्पू ने आकर बताया कि तुम्हारे बेटे मयंक के साथ मेघराजपुर गांव का एक दंपती, उसका बेटा, बेटी व एक अन्य मारपीट कर रहे हैं।
यह पता चलते ही मयंक के परिजन सड़क की तरफ दौड़े, लेकिन वहां पर मयंक नहीं मिला। थोड़ी दूर रेलवे ट्रैक पर मयंक का शव पड़ा मिला। आरोप है कि उसके पेट में चाकू के निशान थे और शरीर के अन्य हिस्सों पर भी चोट लगी थी। घटना की सूचना मिलते ही एसपी देहात सागर जैन, सीओ अभितेष सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
परिजनों ने आरोप लगाया कि फोन कर उनके बेटे को साजिश के तहत घर से बुलाया गया। इसके बाद उसकी हत्या कर शव फेंक दिया गया, जिससे आत्महत्या का मामला लगे। उधर, तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
यह बोले एसपी देहात
एसपी देहात सागर जैन ने बताया कि छात्र और किशोरी पहले से एक दूसरे को जानते थे। परिजनों का आरोप है कि घर से बुलाकर छात्र की हत्या की गई। छात्र मयंक की मौत के मामले में किशोरी के माता-पिता समेत कई अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। फिलहाल हर बिंदु पर गहनता से जांच की जा रही है।
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