बसपा से पूर्व सभासद प्रेम खन्ना की माता शकुंतला देवी और निर्दलीय ताल ठोक रही पूर्व सभासद राजू पंवार की पत्नी कोमल पंवार के अलावा रीना और रंजना भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनावी मैदान में हैं। इस बार सरसावा नगरपालिका की सीट अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित है।
भाजपा प्रत्याशी जहां हिंदू वोटों के सहारे मैदान में हैं, वहीं बसपा दलित और मुस्लिम मतों के सहारे विजय श्री पाने की कतार में है। जबकि निर्दलीय प्रत्याशी कोमल पंवार भाजपा के असंतुष्ट धड़े के साथ चुनाव को त्रिकोणीय बना रही है। इस सीट पर किसी भी प्रत्याशी की जीत में मुस्लिम मत निर्णायक होंगे। इस सीट पर कुल मत 18192 हैं जिनमें 9454 पुरुष तथा 8738 महिला मतदाता हैं।
इस बार भी तीन ही प्रत्याशी चुनावी समर में हैं। इनमें भाजपा से अलका शर्मा, बसपा से निशात फातिमा और निर्दलीय प्रत्याशी रुमाना खान मुकाबले में डटी हैं। जब से नानौता नगर पंचायत बनी है तब से यहां भाजपा का चेयरमैन नहीं बन सका है। इसलिए भाजपा के लिए यह सीट प्रतिष्ठा का विषय बनी है।
निर्दलीय प्रत्याशी रुमाना खान पिछली बार कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर दूसरे स्थान पर रही थी। रुमाना खान ने पूर्व में उनसे रुठे सभी साथियों और समर्थकों को मनाने का भरपूर प्रयास किया है। जिसमें उन्हें सफलता भी हासिल रही है। उनके समर्थक पिछली बार की हार की टीस को इस बार जीत में बदलने को बेताब हैं।
निवर्तमान चेयरमैन नसीम फातिमा की जेठानी निशात फातिमा भी परिवार की बादशाहत कायम रखने के लिए जी जान से चुनाव लड़ रही हैं। वे देवरानी द्वारा कराए गए विकास कार्यों को लेकर जीत के प्रति आश्वस्त हैं। परिणाम कुछ भी हो तीनों प्रत्याशी अपनी जीत के दावे कर रहे हैं।