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नगर निगम ने हटवाए 35 साल पुराने कब्जे

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मकान खाली करने के दौरान अपनी किताबे सम्भालती बच्ची - फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। सिटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में नगर निगम ने सोमवार को खलासी लाइन स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय परिसर से अपनी संपत्ति को कब्जामुक्त कराया। कब्जे करीब 35 वर्ष तक पुराने थे। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय परिसर में कई परिवार रहते हैं। इसकी वजह से विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राओं की सुरक्षा को खतरा रहता है। बीते दिनों एसडीएम सदर और बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने विद्यालय परिसर का निरीक्षण करते हुए परिसर में रह रहे परिवारों को नोटिस जारी किए थे। नोटिस के माध्यम से उनसे परिसर में रहने के कागजात मांगे गए थे। मगर तीन परिवार कोई सुबूत नहीं दे सके थे। जांच में भी उनका वहां रहना अवैध पाया गया था। सोमवार को नगर निगम के सहायक नगरायुक्त संजय कुमार, उप नगरायुक्त दिनेश यादव, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी रवीश चौधरी, कर अधीक्षक विनय कुमार शर्मा और प्रवर्तन दल अधिकारी बीएस नेगी अपने दल के साथ विद्यालय परिसर कब्जे हटवाने पहुंचे। टीम पुलिस बल के साथ ही जेसीबी लेकर पहुंची थी। कुछ ही देर बार सिटी मजिस्ट्रेट डॉक्टर पंकज कुमार वर्मा भी मौके पर पहुंचे। दल और बल को देखते ही परिवारों ने कमरे खाली करना शुरू कर दिया। तीन परिवारों को पांच कमरे खाली करने में करीब ढाई घंटे का समय लगा। इसके बाद निगम की टीम ने पांचों कमरों को सील कर दिया। टीम में नरेशचंद, हेमराज, प्रदीप, शिव कुमार, थाना सदर से लोकेंद्र सिंह, विपिन, अंशु और नीलम आदि शामिल रही।
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नगर निगम की टीम न्यूनतम 05 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच तीनों परिवारों से संपत्ति खाली कराने पहुंची थी। चूंकि तीनों ही परिवार गरीब हैं। ऐसे में उनकी महिलाएं अधिकारियों से गर्मी आने तक रहने की गुहार लगाती रहीं। उनका कहना था कि इतनी ठंड में वह कहां जाकर रहेंगे। बड़ों को रोता बिलखता देख बच्चे भी तड़पते नजर आए। मगर अधिकारियों का कहना था कि उच्चाधिकारियों का आदेश है, जिसमें वह कुछ नहीं कर सकते। बाहर निकाले गए परिवारों का आरोप था कि विद्यालय परिसर में अन्य परिवार भी रह रहे हैं, जिनको बाहर नहीं किया गया है। अंत में बीएस नेगी ने करीब आठ माह के बच्चे को गोद में लेकर घर की वृद्ध महिला के साथ फोटो भी खिंचवाए और उन्हें खुद को संभालने की बात कही।
किताबें समेटते नजर आए बच्चे
तीनों परिवारों को कमरे खाली करने में करीब ढाई घंटे का समय लगा। एक ओर जहां परिवार के बड़े घरेलू सामान समेट रहे थे, वहीं एक सात साल की बच्ची कमरे से अपनी किताबें समेटकर बाहर रखे बैग में रखती नजर आई। इसके बाद वह अंदर गई और अपनी सफेद रंग की गुड़िया लेकर बाहर आकर खड़ी हो गई।

कस्तूरबा गांधी परिसर खलासी लाइन क्षेत्र में मकान खाली कराने पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट व निगम अधिका- फोटो : SAHARANPUR

कस्तूरबा गांधी परिसर खलासी लाइन क्षेत्र में मकान खाली कराते निगम अधिकारी- फोटो : SAHARANPUR

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