Municipal corporation is not serious about environmental protection
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। वायु प्रदूषण को लेकर देश भर में हाहाकार की स्थिति है। खास बात यह है कि नगर निगम सहारनपुर पर्यावरण संरक्षण को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहा है। नगर निगम भी सड़कों की सफाई से पहले पानी का छिड़काव नहीं कर रहा है। जिससे सफाई के दौरान उड़ने वाली धूल हवा को दूषित कर रही है, साथ ही लोगों के बीमार होने का खतरा भी बना हुआ है।
एनजीटी (राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण) ने 2016 में सहारनपुर समेत अनेक शहरों के लिए गाइडलाइन जारी की थी, जिसमें धूल को उड़ने से रोकने के लिए नगर निगम द्वारा सड़कों आदि की सफाई से पहले पानी का छिड़काव कराने के आदेश दिए गए थे। इसके अलावा कचरे को नहीं जलाने की भी बात कही गई थी। मगर स्मार्ट सिटी होने के बावजूद सहारनपुर में आज तक सफाई से पहले पानी का छिड़काव नहीं किया जा रहा है। सफाई के दौरान उड़ने वाली धूल पर्यावरण को दूषित करने के साथ ही आमजन की सेहत को नुकसान पहुंचा रही है। इसके अलावा अनेक व्यापारियों द्वारा सुबह के समय दुकानों से निकलने वाला कचरा सड़कों के बीच रखकर जलाया जाता है। नेहरू मार्केट इसका बेहतर उदाहरण है। नगर निगम की ओर से आज तक कचरा जलाने वालों के विरुद्घ कार्रवाई नहीं की गई है।
बड़े पैमाने पर हो रहा मिट्टी का खनन
शहर से सटे इलाकों में बड़े पैमाने पर मिट्टी का खनन हो रहा है। बीते करीब तीन साल से गांव शकलापुरी और हसनपुर क्षेत्र के किसान खेतों की मिट्टी बेचते आ रहे हैं। प्रतिदिन मिट्टी से लदी सैकड़ों ट्रॉलियां गांव ज्ञानागढ़ के बीच से होकर गुजरती हैं। ट्रॉलियों के गुजरने से सड़कों पर धूल के गुबार उठते हैं, जिनकी वजह से सड़कों के आसपास बसे लोगों को परेशानी हो रही है। इसके अलावा हकीमपुरा और चकदेवली के आसपास भी इसी तरह मिट्टी का खनन हो रहा है।
कुछ व्यापारियों के द्वारा दुकानों का कचरा जलाने की शिकायत थी। ऐसे लोगों पर कार्रवाई भी की गई हैं। इन दिनों हम रात में बाजारों की सफाई करा रहे हैं। दुकानदारों से रात ही में दुकानों की सफाई कराई जा रही है, जिससे सुबह को कचरा ना जलाया जाए। इसके अलावा धूल को उड़ने से रोकने के लिए समय-समय पर पानी का छिड़काव भी कराया जाता है। यदि प्रतिदिन छिड़काव कराने का कोई आदेश है तो उसका पालन कराया जाएगा।
अमित तोमर, चीफ सेनेट्री एंड फूड इंस्पेक्टर, नगर निगम।