सहारनपुर। मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय ने केंद्र सरकार से प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत दो छात्रावास की मांग की है। कुलपति की ओर से दो छात्रावास का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। जनवरी 2024 तक स्वीकृति मिलने की उम्मीद है।
मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय को शुरू हुए अभी 20 महीने हुए हैं। प्रशासनिक भवन के साथ ही तमाम विभागों और कार्यालयों के लिए भवनों का निर्माण गति से चल रहा है। लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग दो छात्रावास बनाने की भी योजना है। चूंकि विश्वविद्यालय की शुरुआत है। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन की मंशा है कि अलग अलग योजनाओं से जो भी विश्वविद्यालय को मिले उसके लिए प्रयास किया जाए।
कुलपति प्रो. एचएस सिंह द्वारा बीते दिनों केंद्र सरकार को प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत दो छात्रावास का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। सूत्रों ने बताया कि एक छात्रावास के लिए स्वीकृति होना तय है, जिसके लिए केंद्र सरकार ने डीपीआर मांगी है। योजना के तहत बनने वाला छात्रावास सौ सीट का होगा। उसमें दो विद्यार्थियों के रहने की व्यवस्था होगी।
- इसलिए बढ़ गई है छात्रावास की जरूरत
विश्वविद्यालय परिसर में इस सत्र से स्नातकोत्तर की पढ़ाई शुरू हो रही है। 24 नए पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या में विद्यार्थी दाखिला लेंगे। इनमें कुछ विद्यार्थी दूर दराज के भी होंगे, जिनके रहने के लिए छात्रावास होना बेहद जरूरी है। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन का जोर अन्य भवनों के साथ ही छात्रावास पर भी है।
- छात्रावास के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव बनाकर भेजे गए हैं। अभी तक कोई स्वीकृति पत्र हमें नहीं मिला है। लेकिन मिलने की उम्मीद है। प्रयास यही है कि विश्वविद्यालय को किसी भी तरह से अधिक से अधिक सुविधाएं दिलाई जा सकें। - प्रो. एचएस सिंह, कुलपति, मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय।