तहसील परिसर में तहसीलदार के खिलाफ धरना देते भाजपाई।
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रेलवे द्वारा भूमि अधिग्रहण करने के बाद किसानों को अब इसका मुआवजा लेने के लिए मोटी रकम रिश्वत के तौर पर देनी पड़ रही है। मंगलवार को कुछ इसी तरह के आरोप लगाते हुए भाजपा कार्यकर्ता सांसद राघव लखनपाल शर्मा के नेतृत्व में तहसीलदार के खिलाफ धरने पर बैठ गए। आरोप था कि तहसीलदार ने एक कार्यकर्ता से फाइल के नाम पर दस हजार रुपये की रिश्वत मांगी है।
मंगलवार को सांसद राघव लखनपाल शर्मा, भाजपा नगर अध्यक्ष गजराज राणा समेत अन्य कार्यकर्ता तहसील पहुंचे और नारेबाजी करते हुए तहसीलदार कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए। गजराज राणा ने बताया कि रेलवे ने किसानों की भूमि अधिग्रहण की थी।
किसानों को मुआवजा देने के लिए रेलवे ने आरटीजीएस भी कर दिया। शेष कार्रवाई तहसील कार्यालय की बची थी। जब भाजपा कार्यकर्ता अमरीश फाइल निकलवाने के लिए तहसीलदार के पास पहुंचा। आरोप है कि तहसीलदार ने उससे फाइल के नाम पर 10 हजार रुपये मांगे।
राणा का आरोप था कि इससे पूर्व तहसीलदार ने बहुत से किसानों से रिश्वत ली है। बाद में मौके पर पहुंचे एसडीएम डीपी सिंह से वार्ता के बाद भाजपाइयों ने धरना समाप्त कर दिया। राणा के मुताबिक बिना सुविधा शुल्क लिए किसानों की फाइल देने की शर्त पर धरना समाप्त किया गया है।
इस मौके पर रामपाल सिंह पुंडीर, रणवीर सिंह, अमरीश, अजय गर्ग, ब्रिजेश रावत, प्रवीण गोयल, अर्जुन सिंघल, आलोक, अरुण गुप्ता, शिवकुमार आदि मौजूद रहे। वहीं, तहसीलदार यद्धुवंश कुमार ने भाजपा नेताओं के आरोपों को निराधार बताया है।