संवाद न्यूज एजेंसी
देवबंद। वक्फ संशोधन कानून-2025 के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने पर जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि आशाजनक बात यह है कि विवादित धाराओं पर रोक को अदालत ने बरकरार रखा है। वक्फ की संपत्तियों पर सबसे ज्यादा कब्जा सरकार का है।
मौलाना अरशद मदनी ने बृहस्पतिवार को जारी बयान में कानूनी प्रगति पर कहा कि आशाजनक बात यह रही कि विवादित धाराओं पर रोक को अदालत ने बरकरार रखा है, जबकि अगली सुनवाई में दोनों पक्षों के वकीलों को दो-दो घंटे का समय बहस के लिए दिया गया है, यह इस बात का संकेत है कि अदालत इस मामले को गंभीरता से ले रही है और जल्द से जल्द इसकी सुनवाई पूरी करना चाहती है।
मौलाना मदनी ने कहा कि हम भी यही चाहते हैं कि इस पर अदालत का अंतिम फैसला शीघ्रता से आ जाए। क्योंकि खबरों के मुताबिक विवादित धाराओं पर रोक के बावजूद उत्तराखंड समेत कई स्थानों पर मस्जिदों और दरगाहों को अवैध करार देकर गिरा दिया गया है। इसी तरह उत्तर प्रदेश के नेपाल सीमा से लगे जिलों में कई मदरसों, कब्रिस्तानों, ईदगाहों और मस्जिदों को भी अवैध या सरकारी जमीन पर स्थित बताकर तोड़ दिया गया है।
मौलाना मदनी ने कहा कि एक सच्चाई यह है कि वक्फ संपत्तियों पर सबसे ज्यादा कब्जा सरकार ने ही कर रखा है, जबकि यह दिखाने की कोशिशें हो रही हैं कि वक्फ की आड़ में सरकारी जमीनों पर मुसलमानों का कब्जा है।