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सड़क पर सुरक्षा के दावे ज्यादा, काम हो पाया कम

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विश्वकर्मा चौक स्थित ट्रैफिक बूथ - फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। जिले में सड़क पर सुरक्षित सफर के लिए हर साल कई घोषणाएं और बड़े दावे किए जाते रहे हैं। लेकिन इसके बावजूद दावों के अनुरूप काम नहीं हो पाया है। शहर में जाम की समस्या से निजात पाने के लिए हाल ही में बाईपास पर आवागमन शुरू हो गया है। वाहनों पर निगरानी के लिए 900 कैमरों लगाने की तैयारी है। लेकिन दो प्रस्तावित पुलों से लेकर अन्य प्रोजेक्ट अब तक पूरे नहीं हो पाए हैं। हर चौराहे पर ट्रैफिक सिग्नल लाइट लगाने से लेकर यातायात कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने और सड़कों को गड्ढा मुक्त करने जैैसे काम अभी तक अधूरे पड़े हैं। यातायात व्यवस्था बेहतर करने के लिए महज 50 ही नियमित कर्मचारी हैं।
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सड़क पर सुरक्षा के लिए क्या होना था, क्या हो पाया
ये होना था ------------------अब स्थिति
- बाईपास बनना था - यह अब शुरू हुआ है।
- पेपर मिल रोड पर दो पुल बनने थे - अब तक नहीं बने हैं।
- हर चौराहे पर ट्रैफिक सिग्नल लाइट - अब तक काम पूरा नहीं।
- कैमरों से वाहनों की निगरानी - स्मार्ट सिटी के तहत इस पर काम शुरू।
- सभी जगह नए ट्रैफिक बूथ - कुछ जगहों पर संस्थाओं के सहयोग से बने।
- यातायात कर्मी बढ़ने थे - अब तक नहीं बढ़े, होमगार्ड की ली जा रही मदद।
- हाईवे से जुड़े मार्गों पर सहायता बूथ बढ़ने थे - नहीं बढ़ सके ।
- सड़कों के बीच आ रहे खंभे हटने थे - नहीं हटाए जा सके ।
- हाईवे और सड़कों पर गड्ढे हटाना - कुछ ही जगहों पर पैंच वर्क हुआ।
- ई-रिक्शा संचालन का रूट निर्धारण - रूट निर्धारण कराया गया है।
- ई-रिक्शाओं की कलर कोडिंग - कलर कोडिंग नहीं पूरी नहीं हुई है।
- टीपी नगर में पूरा ट्रांसपोर्ट कारोबार शिफ्ट करना - 15 साल बाद भी नहीं हो पाया।
आठ करोड़ की वसूली, फिर भी कम नहीं हुई लापरवाही
- कोरोना काल में भी सिविल और यातायात पुलिस के अलावा परिवहन विभाग की टीमों ने सड़कों पर नियम तोड़ने वालों से करीब आठ करोड़ रुपये की वसूली की। शासन स्तर पर जुर्माना भी बढ़ाया गया। इसके बावजूद वाहन चालकों ने हेलमेट न पहनने, शराब पीकर वाहन चलाने, कोविड नियमों का उल्लंघन करने, जरूरी दस्तावेज न रखने, ओवरलोडिंग सहित अन्य नियम तोड़ने का काम किया। इस साल अब तक 57 हजार से अधिक वाहन स्वामियों के चालान किए गए हैं।
सड़क पर सुरक्षा के लिए कर रहे जागरूक
- सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) आरपी मिश्रा ने बताया कि सड़क पर सुरक्षा के लिए वाहन स्वामी और राहगीरों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। नियम सख्त हुए हैं। जुर्माना भी बढ़ा है। लेकिन लोग अपने स्तर पर उतने जागरूक नहीं हो रहे हैं। जिंदगी बचाने के लिए उन्हें खुद भी सजग होना पड़ेगा।

घंटाघर स्थित ट्रैफिक बूथ- फोटो : SAHARANPUR

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