सहारनपुर में चांद का दीदार होने के साथ रमजान शुरू हो गए है। रमजान के पवित्र माह को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। मुस्लिम समाज के लोगों ने सहरी और इफ्तार को लेकर दिन भर खरीददारी की।
चांद का दीदार होने के साथ ही लोगों ने रमजान की तैयारियां शुरू कर दी है। लोगों ने रोजों के लिए सहरी और इफ्तार के लिए बाजारों में जमकर खरीददारी की।
सोमवार की शाम को बाजारों में भारी भीड़ रही। बाजार में खजला के साथ सेवनी, खजूर और खाने के अन्य सामान की खरीददारी की गई। शाम को रमजान से पूर्व ही नमाज अदा की गई।
जमीअत दवतुल मुस्लिमीन के इमाम कारी इसहाक़ गोरा ने बताया कि रामजनुल मुबारक, बरकतों, रहमतों ओर मगफिरतों का महीना है। ये तरबियत का महीना है। साल भर की इबादतों की मशक इस महीने में होती है।
रोजेदारों को पार्टियों से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि ये महीना इबादतों का मौसम बाहार है, इसमें पूरे इख़्लास और पूरा दिल लगाकर खुदा को याद करना चाहिए। सियासी इफ़्तार पार्टियां एक दिखावा है जो हाल के बरसों में मुस्लिमों में चल पड़ी है।
कारी इसहाक़ गोरा ने इस मौके पर दस दिनों, आठ दिनों, ओर पाँच दिनों में तरावीह पढ़ लेने ओर पूरे माह तरावीह ना पढ़ने के रिवाज को भी गलत बताया।
उन्होंने कहा कि ये आम मिजाज हो चला है की लोग पाँच दिनों दस दिनों में एक पूरा क़ुरान सुन लेते हैं ओर समझते हैं की उनकी जिम्मेदारी ख़त्म हो गई। हालांकि तरावीह में एक पूरा क़ुरान का सुनना ओर पूरे रमजान तारावीह पढ़ना दोनो अलग अलग सुन्नत हैं ओर हमें दोनो सुन्नतों ओर नेमतों से सरफ़राज होना चाहिए।