सहारनपुर। शहर में जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए बनाए जा रहे मिनी बाईपास के निर्माण में और देरी की संभावना है। मुआवजा निर्धारण सहित अन्य समस्याओं, बारिश और तकनीकी बाधाओं के कारण अब यह प्रोजेक्ट नए साल जनवरी माह तक ही पूरा हो पाएगा। पहले इस प्रोजेक्ट को 31 दिसंबर तक पूरा किया जाना था। वहीं, लोक निर्माण विभाग ने शासन से पांच करोड़ रुपये का बजट और मांगा है।
सहारनपुर-नागल मार्ग से दिल्ली रोड तक बाईपास का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। यह शहर के बाहरी हिस्सों में 22 गांवों से होकर गुजरेगा। इस प्रोजेक्ट पर करीब 40 करोड़ रुपये का अनुमान था और यह 31 दिसंबर तक पूरा किया जाना था। मगर किसानों से ली गई जमीन पर मुआवजा निर्धारण की अड़चनों, बीच में बारिश, खेतों की फसलों के अलावा बारिश सहित अन्य तकनीकी दिक्कतों के कारण प्रोजेक्ट की प्रगति धीमी पड़ गई।
अवरोध करने वालों को मिल चुकी एफआईआर की चेतावनी
- मिनी बाईपास के निर्माण में आ रही अड़चनों को गंभीरता से लेते हुए कमिश्नर संजय कुमार ने लोक निर्माण विभाग सहित प्रशासनिक अफसरों को बाधा पहुंचाने वाले लोगों के खिलाफ एफआईआर की चेतावनी दी है। कुछ किसानों का कहना है कि उन्हें उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा है, जबकि अफसरों का दावा है कि चार गुना ज्यादा तक मुआवजा दिया गया है।
इन गांवों से होकर गुजरेगा मिनी बाईपास
- चुनेहटी से देवला तक यह मिनी बाईपास कांकरकुई, चुनेहटी गाड़ा, छिदबना, सांवलपुर नवादा, ककराला, बनीखेड़ा, उनाली, ईगरी, कपूरपुर, रूपड़ी गुर्जर, शेखवाला, नन्हेड़ा बक्काल, दराअली स्वाद, दरा कोतला, दरा चकगुलचीन, देवला और सूमली गांव से होकर गुजरेगा। मिनी बाईपास की चौड़ाई 45 मीटर रखी गई है।
अड़चनें दूर कराकर काम तेज कराएंगे
- मिनी बाईपास के निर्माण में आ रही अड़चनों पर लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अतुल कुमार कहते हैं कि कुछ अवरोधों के कारण प्रोजेक्ट थोड़ा पीछे खिसक गया है, लेकिन जिन लोगों को दिक्कत है। उनसे वार्ता कर समस्या दूर कराई जाएगी। प्रोजेक्ट को निर्बाध तरीके से पूरा कराने के लिए शासन से पांच करोड़ रुपये की राशि और मांगी गई है। उम्मीद है कि जनवरी तक प्रोजेक्ट पूरा हो सकेगा।