सहारनपुर। स्मार्ट सिटी अधिकारियों के शिथिल रवैये और परियोजनाओं की धीमी चाल के चलते सहारनपुर स्मार्ट सिटी योजना में उत्तर प्रदेश के पांच पिछड़े शहरों में भी सबसे निचले पायदान पर है। हाल ही में जारी सीएम डैशबोर्ड रैंकिंग में इसका खुलासा हुआ।
स्मार्ट सिटी योजना को लांच करते हुए कहा गया था कि सरकार प्रत्येक वर्ष 100 शहरों को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करेगी। योजना में सहारनपुर का चयन हुए साढ़े छह साल से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन परियोजनाएं आज तक लटकी हुई हैं। इतना ही नहीं, पहले योजना के तहत सहारनपुर पर करीब 1500 करोड़ रुपये खर्च होने थे, लेकिन पीपीपी मोड पर होने वाले करीब 500 करोड़ के कार्यों के लिए निजी क्षेत्र की कंपनियां आगे नहीं आई। ऐसे में योजना 980 करोड़ रुपये की रह गई। अनेक परियोजनाओं की लागत भी कम की गई है। कुल 103 परियोजनाओं पर काम होना था, जिनमें से आज भी तीन परियोजनाएं अधूरी हैं। उन्हें दिसंबर 2025 तक पूर्ण करने का समय मिला है। उधर, जो परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं उनमें भी कई परियोजनाओं की हालत खराब है। जैसे स्मार्ट सिटी, मिनी स्टेडियम, 100 दुकानें आदि।
स्मार्ट सिटी सहारनपुर एक नजर में
-परियोजनाओं की संख्या-103
-कुल जारी की गई धनराशि-980 करोड़
-उपयोग की गई धनराशि-858.30 करोड़
-कार्य आदेश की लागत931.83 करोड़
-प्रगतिधीन कार्य-64.04 करोड़
-पूरे हुए कार्य-867.79 करोड़
उत्तर प्रदेश के पांच आखिरी पांच स्मार्ट सिटी
शहर का नामप्रगति
लखनऊ-98.40
अलीगढ़-97.72
कानपुर नगर97.58
मुरादाबाद97.37
सहारनपुर92.34