मिल बंदी के विरोध में शाकंभरी शुगर मिल टोडरपुर पर आयोजित महापंचायत में किसान संगठनों के नेताओं ने कहा कि सरकार गलत तरीके से बीमार घोषित कर बंद की गई शाकंभरी शुगर मिल को चालू कराए या उसमें अधिग्रहण की गई किसानों की जमीन को वापस करे।
इसके लिए 20 सितंबर तक अल्टीमेटम दिया गया। इसके बाद किसान दोबारा महापंचायत बुलाएंगे, जिसमें आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
मिल के सामने वाले मैदान में आयोजित किसान महापंचायत को संबोधित करते हुए किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार वीएम सिंह ने कहा कि 70 साल से किसानों को जाति बिरादरी के नाम पर लूटा जा रहा है।
सरकार उद्योगपतियों से मिलकर किसानों को बर्बाद कर रही हैं। खेती घाटे का सौदा बनी है। युवा पीढ़ी खेती नहीं करना चाहती। यदि खेती को मुनाफे का सौदा बनाना है, तो किसानों को संगठित होकर अपनी सरकार बनानी होगी।
भाकियू अंबावत के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी कंवरपाल ने कहा कि शाकंभरी शुगर मिल के बंद होने से लगभग 35 हजार गन्ना किसानों के सामने आर्थिक संकट बना हुआ है। जिलाध्यक्ष चौधरी नीरज ने कहा कि यदि मालिक मिल चालू नहीं कर सकता, तो सरकार मिल को अधिग्रहण कर उसे चालू करें। भाकियू के जिलाध्यक्ष चौधरी चरण सिंह ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों से किसान बर्बाद हो रहा है और आत्महत्या कर रहा है।
चौधरी दिलशाद पोसवाल और गन्ना विकास समिति बेहट के चेयरमैन चौधरी ताहिर हसन ने कहा कि सरकार मिल चालू कराए या उनकी मिल के लिए अधिग्रहण की जमीन को वापस कराए। किसान महापंचायत में पहुंचे सपा के एमएलसी उमर अली खान ने कहा कि मिल चालू किए जाने की किसानों की मांग को वे मुख्यमंत्री के सामने रखेंगे और उनका प्रयास रहेगा कि मिल चालू हो।
पंचायत का संचालन चौधरी हाशिम ने किया। पंचायत में भाकियू अंबावत के जिला प्रभारी पद्म प्रकाश शर्मा, चौधरी राजेश, मास्टर रघुवीर सिंह, सुरेश चौहान, सुरेंद्र काम्बोज, चौधरी यूनुस, कुलदीप प्रधान, प्रधान सोनी कुमार, चौधरी आलिम, महीपाल चौधरी धौलरा, दिलशाद पंवार आदि की मौजूदगी रही।