क्षेत्र के ग्राम कुंडी में जानलेवा बुखार का कहर है। 15 दिन में बुखार ने आठ लोगों की जान ले ली है। पूरे गांव में सौ से भी ज्यादा लोग बुखार से तप रहे है। मगर, अभी तक स्वास्थ्य विभाग की ओर गांव में स्वास्थ्य सेवा नहीं पहुंचाई गई है। यहां के मरीजों का सहारनपुर या हायर सेंटर में इलाज चल रहा है।
ग्रामीण अमित, सोरण, ओमपाल, नाथीराम ने बताया कि बुखार से मामचंद (85), हरफूल (60), मेहरपाल (35), उसका पुत्र जोनी (15), संदीप(21), जोनी पुत्र नाथीराम, गुरमीत (8), अतरी (55) तथा सतवीर की पत्नी मौत की नींद सो चुकी है।
रोष जताया कि गांव में बुखार फैलने की सूचना स्वास्थ्य विभाग को दे चुके है, इसके बावजूद अधिकारियों ने गांव की सुध नहीं ली है। अमित ने बताया गांव की आधी आबादी बुखार से पीड़ित है और दिन प्रतिदिन ये आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। ग्रामवासियों ने कहा कि गांव में सफाई की भी बेहतर व्यवस्था नही है। गांव में मात्र एक सफाई कर्मी है। वही गंदे पानी की निकासी का साधन तालाब भी लबालब हो चुका है। इसकी वजह से मच्छरों का भारी प्रकोप है।
ग्राम प्रधान जयपाल सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को भी सूचना दी थी। लेकिन विभाग द्वारा बरती उदासीनता ग्रामीणों पर भारी पड़ रही है। उधर, सीएचसी के अधीक्षक डॉॅ. राजेश ने कहा की स्वास्थ्य कर्मियों की एक टीम बनाई गई है, जो शुक्रवार को गांव में जाएगी।
गांव में बुखार से पीड़ित लोगों की सूची
सरसावा। सतेंद्र, अर्जुन, टोनी, नाथीराम, मनीषा, पिंटू, भोपाल, रजनीश, मेनका, मौसम, परी, अंकुश, विदेश, गीता, आदर्श, भोपेंद्र, सोमवती, सीमा, मंतलेश, विशाल, गौरभ, वेदपाल, इंद्रो, सचिन, सोनू, रोहित, संजीत, बबली, सामी, आशा, विकास, बाला, ओमकार, मनोज, सोराज, आदित्य, भंवर सिंह, शुभम, रमोना, भूरिया, जयकुमार, संजो, चमन देवी, संजय, सरेना, रेनू, अमन, राजकुमार, कुंता, पूजा, अंशुल, सुमन, समीरी, सहीराम, हरियाली, कविता, बोहती समेत बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे बुखार की चपेट में है।
यह मामला बेहद गंभीर है। स्वास्थ्य विभाग की टीम को गांव में भेजकर कैंप कराया जाएगा। इसके अलावा जिम्मेदार अधिकारियों को भी वहां भेजा जाएगा। बुखार से निपटने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
- एस कमाल, जिलाधिकारी।
कुंडी गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजी गई है। सीएमओ को निर्देश दिया गया कि गांव में जाकर मौका मुआयना करें और पीड़ितों को राहत के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाएं।
-डा. मधु सक्सेना, एडी हेल्थ ।