बूचड़खानों पर हुई कार्रवाई से खफा कुरैशी समाज के धरना प्रदर्शन व अनशन के दौरान मंगलवार को एक मीट व्यापारी की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। जिसके चलते कुरैशी समाज में गम और गुस्से का माहौल बना हुआ है।
अवैध बूचड़खानों को बंद कराए जाने के अभियान के तहत देवबंद के एकमात्र स्लाटर हाउस पर हुई सीलबंदी के चलते कुरैशी समाज के लोग सोमवार से मोहल्ला बेरुन कोटला में योगी सरकार के फैसले के खिलाफ धरना प्रदर्शन व अनशन पर बैठे हुए हैं।
मंगलवार को उनका गुस्सा उस समय सातवें आसमान पर पहुंच गया जब कारोबार ठप होने से आहत धरने पर बैठे 55 वर्षीय बाबू कुरैशी को अचानक दिल का दौरा पड़ गया। लोग पहले उसे निजी चिकित्सक के यहां लेकर गए, लेकिन नाजुक हालत के चलते चिकित्सक ने उसे मुजफ्फरनगर के लिए रेफर कर दिया। जहां रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
अचानक हुई मौत से जहां बाबू के घर मातम पसर गया। वहीं, कुरैशी समाज में योगी सरकार के प्रति भारी गुस्सा बन गया। कुरैशी समाज के लोगों का कहना है कि प्रदेश सरकार द्वारा उनके कारोबार पर हमला किए जाने बेहद निंदनीय है। नगर में 50 से अधिक लोगों पर मीट बिक्री का लाइसेंस हैं, लेकिन हठधर्मिता व भेदभाव की नीति के चलते उन्हें दुकानें नहीं खोलने दी जा रही हैं। जिसके चलते उनके सामने भारी आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
उन्होंने चेतावनी दी रोजगार वापस मिलने तक उनका अनशन जारी रहेगा। वहीं कुरैशी समाज को राजनीतिक दलों का समर्थन भी मिलने लगा है। इन दलों के नेताआें ने भी इस तरह की कार्रवाई काे एकतरफा बताया आैर विरोध जाहिर किया।
पूर्व विधायक माविया अली, पूर्व चेयरमैन जियाउद्दीन अंसारी, बसपा नेता हाजी शाहिद सुहैल, कांग्रेसी नेता राहत खलील आदि नेताओं ने धरना स्थल पर पहुंचकर समर्थन का ऐलान किया। इस मौके पर जहीर कुरैशी, मसरुर कुरैशी, गुलजार कुरैशी, कफील कुरैशी, सुक्का कुरैशी, सनव्वर कुरैशी समोत इस समाज से जुड़े अन्य लोग मौजूद रहे।