साढौली कदीम। क्षेत्र के गांव बहरामपुर निवासी किसान चौधरी रणजीत सिंह के बेटे बिंदरपाल सिंह ने कारगिल युद्ध में 29 जून 1999 को अपना सर्वोच्च बलिदान देकर भारत माता का मस्तक गर्व से ऊंचा कर दिया था। बलिदानी के पिता चौधरी रणजीत सिंह आपरेशन सिंदूर को लेकर उत्साहित हैं। हमारे सैनिकों ने पाकिस्तान को कड़ा सबक सिखाया है। इससे सैनिकों का मनोबल तो बढ़ेगा ही देश से आतंकवाद का भी खात्मा होगा। वह कहते हैं कि इससे उनके कलेजे को काफी ठंडक पहुंची है। यदि देश की रक्षा के लिए उन्हें अपने दोनों बेटों को भी युद्ध के मैदान में उतारना पड़े तो वह पीछे नहीं हटेंगे। बलिदानी बिंदरपाल सिंह की पत्नी पूनम देवी की आंखें पति की शहादत को याद कर नम हो जाती हैं। वह कहती हैं कि भारतीय सेना ने घर में घुस कर मारा है।