फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Saharanpur News: जमीयत उलमा-ए-हिंद के दूसरी बार अध्यक्ष चुने गए मौलाना महमूद मदनी

Thu, 30 Oct 2025 01:23 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
देवबंद(सहारनपुर)। जमीयत उलमा-ए-हिंद की कार्यकारी समिति की बैठक में सर्वसम्मति से मौलाना महमूद मदनी को नए कार्यकाल के लिए दूसरी बार अध्यक्ष चुना गया। वक्फ संशोधन अधिनियम 2025, अवैध घुसपैठ का मुसलमानों पर आरोप लगाने, फिलिस्तीन शांति समझौता और देश की वर्तमान परिस्थितियों में मुस्लिम अल्पसंख्यकों पर घेरा तंग करने जैसे समकालीन ज्वलंत मुद्दों पर भी बैठक में विस्तार से चर्चा की गई।
विज्ञापन

बुधवार को दिल्ली स्थित मुख्यालय पर आयोजित हुई बैठक में पूर्व राज्यसभा सदस्य व जमीयत अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने देश की वर्तमान परिस्तिथियों, उनके धार्मिक प्रतीकों और शब्दावली का अपमान करने, बुलडोजर कार्रवाइयों समेत धार्मिक स्वतंत्रता पर प्रतिबंध और हलाल के खिलाफ अभियान आदि पर प्रकाश डाला। बैठक में कार्यकारी समिति ने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री द्वारा मुसलमानों पर जनसांख्यिकी बदलने और घुसपैठ के आरोप लगाए जाने पर विचार-विमर्श किया और ऐसे बयानों को राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव और सांविधानिक समानता के लिए हानिकारक बताया।
एक प्रस्ताव में समिति ने कहा कि केंद्र सरकार ने कई बार सुप्रीम कोर्ट और संसद में लिखित रूप से कहा है कि उसके पास अवैध घुसपैठियों की कोई प्रामाणिक संख्या मौजूद नहीं है, इसलिए यह आरोप झूठ पर आधारित है। इसलिए जमीयत इस भड़काऊ और विभाजनकारी नैरेटिव का पुरजोर खंडन करती है। इसके साथ ही समिति ने बिहार के बाद 11 और राज्यों में किए जा रहे वोटर एसआईआर के तौर-तरीकों को असंतोषजनक बताया। उन्होंने सभी वक्फ मुतवल्लियों, वक्फ संस्थाओं और जिम्मेदार व्यक्तियों से अपनी वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण उम्मीद पोर्टल पर समय पर पूरा करने का आह्वान किया।
विज्ञापन

- बैठक में ये रहे शामिल
दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी, महासचिव मौलाना हकीमुद्दीन कासमी, उपाध्यक्ष मौलाना सलमान बिजनौरी, मौलाना मुफ्ती अहमद देवला, मौलाना कारी शौकत अली, मौलाना रहमतुल्लाह मीर कश्मीरी, मुफ्ती सैयद सलमान मंसूरपुरी, मौलाना सिद्दीकुल्लाह चौधरी बंगाल, मुफ्ती राशिद आजमी, मुफ्ती सैयद अफ्फान मंसूरपुरी, मौलाना नियाज अहमद फारुकी, हाफिज नदीम सिद्दीकी, मुफ्ती इफ्तिखार कासमी कर्नाटक, मौलाना शम्सुद्दीन, हाजी हारुन भोपाली, मौलाना मंसूर, हाजी हसन तमिलनाडु, मौलाना इब्राहीम केरला, मुफ्ती जावेद इकबाल किशनगंज आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें