- अवर अभियंता का निलंबन होने के बाद उच्च अधिकारी कर रहे जांच
- एंटी करप्शन की टीम ने कार्यालय पहुंचकर निलंबित जेई के बारे में जानकारी ली
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। विद्युत निगम के अवर अभियंता का निलंबन होने के बाद कई अधिकारी और कर्मचारी रडार पर आ गए हैं। उनकी उच्च अधिकारी गोपनीय जांच करा रहे हैं। जांच में कईयों की गर्दन फंस सकती है। वहीं, एंटी करप्शन की टीम ने भी कार्यालय पहुंचकर निलंबित अवर अभियंता के बारे में जानकारी ली।
विद्युत निगम में भ्रष्टाचार की जड़े गहरी हैं। कनेक्शन लेने, भार बढ़ाने या फिर घटवाने के लिए उपभोक्ताओं को कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते हैं। इसके बाद भी कई बार उनका काम नहीं होता है। भ्रष्टाचार के मामले में किशनपुरा बिजली उपकेंद्र के अवर अभियंता नरदेव गौतम को निलंबित करने के साथ ही उनकी जांच की जा रही है। इसके साथ ही गलत बयान देने पर तीन संविदा कर्मियों की सेवा समाप्त कर घर का रास्ता दिखा दिया है। इसके बाद से विद्युत निगम में खलबली मची हुई है।
बताया जाता है कि अभी भी कई अवर अभियंता, टीजीटू और संविदा कर्मी उच्च अधिकारियों के रडार पर है। उनके बारे में गोपनीय जानकारी जुटाई जा रही है। इसके बाद अधिकारी रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजेंगे। वहां से आदेश मिलने के बाद किसी भी दिन अधिकारी बड़ा खुलासा कर सकते हैं। इसमें एक दो नहीं बल्कि कईयों की नौकरी खतरे में है।
बृहस्पतिवार को एंटी करप्शन की टीम ने विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता अमित कुमार श्रीवास्तव से मिलकर निलंबित अवर अभियंता के बारे में जानकारी ली। पता किया कि अवर अभियंता सहारनपुर में कब से तैनात है और कहां का रहने वाला है।
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भ्रष्टाचार की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाता है। अभी कुछ अवर अभियंता, टीजीटू और संविदा कर्मियों की जांच करा रहे हैं। जांच में दोषी पाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - संजीव कुमार, अधीक्षण अभियंता, विद्युत निगम