सहारनपुर। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के लिए नए दिशा-निर्देश नहीं मिलने की वजह से अनेक बेटियां बीते छह महीने से हाथ पीले होने के इंतजार में हैं। जिन माता-पिताओं पर बेटियों की शादी करने की जल्दी है, वह विभागों के चक्कर काट रहे हैं। महानगर में अंतिम बार सामूहिक विवाह तीन दिसंबर 2022 को हुआ था, जिसमें 32 जोड़ों का विवाह/निकाह कराया गया था।
वित्तीय वर्ष 2021-22 में जनपद में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 1,240 बेटियों की शादी कराने का लक्ष्य मिला था, जो पूरा हो चुका है। सरकार ने योजना के अंतर्गत जनपद को फिलहाल 250 बेटियों का शादी का लक्ष्य दिया है, लेकिन दिशा निर्देश अभी तक जारी नहीं किए हैं। उधर, पात्र परिवार अपनी बेटियों की शादी के लिए लगातार आवेदन कर रहे हैं। कई आवेदन पांच से छह महीने पुराने हैं, लेकिन दिशा-निर्देश नहीं मिलने के कारण जिला समाज कल्याण विभाग अगली कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। उधर, शादी का लाभार्थी बनने के लिए आवेदक बेटियां हाथ पीले होने का इंतजार कर रही हैं। ऐसे परिवारों को भी सामूहिक विवाह की तिथि जारी होने का बेसब्री से इंतजार है, जिससे कि बेटी को ससुराल के लिए विदा कर सकें। नगर निगम में अभी तक करीब तीन दर्जन आवेदन हो चुके हैं। जबकि निकाय चुनाव के बाद पार्षदगण भी अपने क्षेत्र के पात्रों के आवेदन के लिए पहुंच रहे हैं।
51 हजार रुपये का है अनुदान
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत एक बेटी को शादी के लिए 51 हजार रुपये का अनुदान मिलता है। इसमें 35 हजार रुपये का चेक उक्त वधु को दिया जाता है। दस हजार रुपये का घरेलू सामान दिया जाता है और छह हजार रुपये शादी के आयोजन पर खर्च होते हैं।
छूटा योजना का साथ, पीले नहीं हो सके हाथ
शादी अनुदान योजना के अंतर्गत बेटी की शादी के लिए 20 हजार रुपये का अनुदान दिए जाने का प्रावधान है। जनपद में सैकड़ों लोगों ने अनुदान के लिए आवेदन किया हुआ है। जांच में वह पात्र भी साबित हुए हैं, लेकिन बीते वर्ष अचानक योजना बंद कर दिए जाने से उक्त परिवारों को झटका लगा है। महानगर के सराय मेहंदी निवासी इकबाल अहमद, चिलकाना रोड निवासी नूर जहां, मोहल्ला कम्बोह कटहेरा निवासी नसीम खातून, मोहल्ला धोबीवाला निवासी मो. इसरार आदि ऐसे आवेदक हैं, जो पिछले साल से दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें यह तक नहीं बताया गया है कि योजना बंद हो चुकी है। उधर, अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी भरतलाल गोंड का कहना है कि योजना बीते वर्ष ही बंद हो चुकी है।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत बीते वर्ष जनपद को 1,240 बेटियों के विवाह का लक्ष्य मिला था, जो पूरा कर लिया गया है। इस वर्ष अभी 250 का लक्ष्य मिला है, लेकिन दिशा निर्देश अभी तक प्राप्त नहीं हुए हैं। जैसे ही दिशा निर्देश मिलेंगे तुरंत सामूहिक विवाह की तिथि तय कर विवाह कराया जाएगा।
- अर्चना, जिला समाज कल्याण अधिकारी