गांव जसमौर में क्लश यात्रा का शुभारंभ करते शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वरानंद जी महाराज और महामं
शाकंभरी। गांव जसमौर के प्राचीन शिव मंदिर में मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा से पूर्व मंगल कलश यात्रा और मूर्तियों को नगर भ्रमण कराया गया। शारदापीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज एवं महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद महाराज के सानिध्य में यह यात्रा संपन्न हुई।
इस दौरान शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि राजा राणा आदित्य प्रताप सिंह के आग्रह को वह टाल नहीं पाए। इसलिए व्यस्तता होने के बावजूद आना पड़ा। उन्होंने कहा कि इस प्राचीन मंदिर का जीर्णोद्धार कर एक नया स्वरूप दिया गया है, जो वास्तव में एक पुनीत एवं प्रशंसनीय कार्य है। स्वामी कैलाशानंद महाराज ने कहा कि मंदिर की स्थापना होना अपने आप में बहुत बड़े सौभाग्य की बात है। धर्म की परंपराओं की स्थापना के लिए ही साधु संतों का जन्म होता है। संन्यासी अपने धर्म को आगे बढ़ाते हुए सभी को सत्य मार्ग की ओर ले जाता है जो एक बहुत बड़ा पुण्य कार्य है। इस दौरान अशोक स्वामी, ग्राम प्रधान मांगेराम धीमान, सचिव प्रदीप कांबोज, सोनू, अमर सिंह, सतीश बंसल, शिवकुमार त्यागी, दीपक शास्त्री आदि रहे।
राम मंदिर प्रतिष्ठा में सर्वोत्तम यजमान हैं प्रधानमंत्री मोदी : शंकराचार्य
शाकंभरी। जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम जी महाराज ने कहा कि राम मंदिर अयोध्या में बनेगा तो बहुत ही अच्छी बात है। कांग्रेस नेता मंदिर महोत्सव में नहीं जाएंगे इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जिसको राम बुलाएंगे वही तो जाएगा, जिसको राम नहीं बुलाएंगे तो वह कैसे उनकी शरण में जा सकता है। उन्होंने कहा कि राम युग दोबारा से फिर आ रहा है। किसी को कोई कष्ट नहीं होगा राम आ रहे हैं। अयोध्या की छटा दुर्लभ है। यदि मंदिर पर कोई टिप्पणी करता है तो भगवान उनको सदबुद्धि दें।