इसके बावजूद नालों पर कब्जा कर दुकानें और गोदाम खड़े कर दिए गए हैं। स्मार्ट सिटी बनने के बाद नालों से कब्जा हटाया जाना नगर निगम के लिए बड़ी चुनौती रहेगी। शहर के बीच से नगर निगम के चार बड़े नाले गुजर रहे हैं।
चिलकाना रोड पर मुन्नालाल कॉलेज के सामने से होकर मातागढ़ को होकर पांवधोई नदी में गिर रहे नाले पर अनेक जगहों पर कब्जा है। मुन्नालाल कॉलेज के आसपास कई दुकानें नाले के ऊपर बनी हैं। मातागढ़ के पास नाले के ऊपर स्लैब डालकर दुकानें खड़ी कर दी गई हैं।
एक-दूसरे को देखकर लोग लगातार कब्जा करते जा रहे हैं। मगर नगर निगम की ओर से आज तक कब्जों को हटवाने की कोशिश तक नहीं की गई है। इसी तरह अंबाला रोड से होकर नेहरू मार्केट के बीच से गुजरने वाले नाले पर भी दुकानें और खोखे रखे गए हैं। बड़े-बड़े शोरूम तक इस नाले पर टिके हैं।
हीपुरा क्षेत्र में नगर निगम के नाले पर मॉल और गोदाम बना दिए गए हैं। नाले पर कब्जा होने का सिलसिला जारी है। हैरत की बात यह है कि सहारनपुर विकास प्राधिकरण ने मॉल और गोदाम के नक्शे पास किए हैं। सवाल यह है कि नगर निगम के नाले पर नक्शों को कैसे स्वीकृति दे दी गई।
इस संबंध में प्राधिकरण के अधिकारी बोलने को तैयार नहीं हैं। आरोप है कि नाले पर कब्जा कराने में नगर निगम के अधिकारी भी शामिल हैं। मामले में हाल ही में सोसायटी एनरजेटिक वालंटियर्स एसोसिएशन ने कमिश्नर से शिकायत की है।
इनके अलावा बाजारों में दुकानों के सामने से गुजरने वाले तमाम नालों पर दुकानदारों ने कब्जा किया हुआ है। कोर्ट रोड, देहरादून रोड, जिला अस्पताल रोड, लिंक रोड इसके बेहतर उदाहरण हैं। अब चूंकि सहारनपुर का चयन स्मार्ट सिटी के लिए हो गया है। ऐसे में नालों से कब्जा हटाने की चुनौती नगर निगम के सामने रहेगी।
किसने कर दिए सरकारी जमीन के बैनामे
नेहरू मार्केट में नाले के ऊपर दुकानें बनी हैं। माहीपुरा में भी यही स्थिति है। भवन स्वामियों और वर्तमान में दुकानें चलाने वालों का दावा है कि उनके पास जमीन के बैनामे हैं। अब सवाल यह उठता है कि नालों के बैनामे किसने किए और किसकी शह पर किए गए। यह जांच का विषय है।
पांवधोई और ढमोला नदी पर भी अतिक्रमण
पांवधोई नदी पर भी लोगों ने कब्जा कर दुकानें बना ली हैं। जामा मस्जिद के ठीक सामने कई दर्जन दुकानें नदी के भीतर पिलर खड़े कर उनके ऊपर बनाई गई हैं। इसके अलावा धोबीघाट से पहले भी नदी के तटों पर लोगों ने कब्जा कर लिया है।
यह अतिक्रमण तो है ही साथ ही भारी बारिश में नदी के उफान पर आने के दौरान इन दुकानदारों की जान और माल का खतरा रहता है। उधर, ढमोला नदी के तट पर लोगों ने बड़े-बड़े आवासीय और कामर्शियल भवन खड़े कर लिए हैं।
करीब चार साल पहले आई बाढ़ में अनेक मकान पानी में बह गए थे, जबकि कई लोगों की जान भी चली गई थी। तब प्रशासन ने ढमोला को कब्जामुक्त कराने की प्रक्रिया शुरू की थी। ढमोला पर करीब ढाई सौ अवैध कब्जे पाए गए थे। मगर आज तक प्रशासन ढमोला को कब्जामुक्त नहीं करा सका है।
पिछले सप्ताह ही सोसायटी एनरजेटिक वालिएंटर्स एसोसिएशन ने कमिश्नर दीपक अग्रवाल से शिकायत की। जिसमें जनता रोड स्थित माहीपुरा के पास ट्रांसपोर्टनगर की बगल में नाले पर सोनी, श्रीजी और हनुमान ग्रुप द्वारा मॉल, गोदाम और कॉलोनी बसाने की बात कही गई है।
एसोसिएशन सदस्य रोहित भटनागर ने कमिश्नर को बताया है कि नाले पर बिना एनओसी के ही सहारनपुर विकास प्राधिकरण ने मॉल और गोदाम आदि के नक्शे पास कर दिए। इस संबंध में पूर्व नगरायुक्त विकास प्राधिकरण को पत्र लिखकर नक्शे निरस्त करने की मांग कर चुके हैं।
मगर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। शिकायत के बाद एसडीएम सदर ने अपर आयुक्त को पांच जुलाई 2017 तथा आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायत की बाबत डीएम को भेजी रिपोर्ट में माहीपुरा बैरून स्थित नाले की नगर निगम स्टाफ की मौजूदगी में पैमाइश कराने और 24 जून 2017 को निगम कानूनगो को नाले पर दखल कब्जा दिए जाने की बात कही गई थी। मगर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
माहीपुरा बैरून में नगर निगम के नाले पर मॉल और गोदाम के नक्शे पास होने की मुझे जानकारी नहीं है। सोमवार को मामले को दिखवाया जाएगा। यदि ऐसा है तो नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
सत्यप्रकाश शर्मा, सचिव, एसडीए।
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नालों और नदियों पर हुए कब्जों को चिह्नित किया जा रहा है। पहले कब्जाधारियों को नोटिस जारी किए जाएंगे, कि वह खुद ही कब्जा छोड़ दें। ऐसा न करने पर नगर निगम अभियान चलाकर सख्ती के साथ कब्जों को ध्वस्त कराएगा।
गौरव वर्मा, नगरायुक्त।
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नगर निगम की जमीनों पर कब्जों और अतिक्रमण हटाने को लेकर हम पूरी तरह गंभीर हैं। शहर से 50 साल पुराने रिकार्ड के आधार पर कब्जों को हटाया जाना है। इसमें हमने व्यापारियों से सहयोग मांगा है। शहर का विकास करना है तो खट्टे-मीठे अनुभव तो कब्जाधारियों के साथ रहेंगे ही। साथ ही हम नदी और नालों को भी कब्जामुक्त कराकर शहर को नया रूप देंगे।