सहारनपुर। परिवहन विभाग की नई ऑटो अप्रूवल व्यवस्था में सिस्टम की बड़ी खामी सामने आई है। ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत बिना आरटीओ कार्यालय गए वाहनों के ट्रांसफर की सुविधा तो मिल गई, लेकिन लंबित चालानों की जांच व्यवस्था में सेंध लग गई। ऑटो अप्रूवल से ट्रांसफर हुए 407 वाहनों में 19 ऐसे मिले, जिन पर एक से लेकर तीन तक चालान लंबित थे। इसके बावजूद इनका ट्रांसफर दूसरे जिलों में कर दिया गया और कुछ मामलों में दूसरे राज्यों के लिए एनओसी भी जारी हो गई। विभाग ने मामले की जानकारी शासन स्तर पर दी है। इससे राजस्व नुकसान के साथ फर्जी दस्तावेज और धोखाधड़ी का खतरा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
दरअसल, शासन की ओर से आवेदकों की सुविधा के लिए ऑटो अप्रूवल व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत आवेदकों को वाहन ट्रांसफर, पंजीकरण आदि के लिए आरटीओ कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं है। वाहन 4.0 पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर स्वत: अप्रूवल किया जा सकता है। पोर्टल की जांच करने पर पता चला कि एक अगस्त से 22 सितंबर तक 407 वाहनों का ऑटो अप्रूवल के जरिये ट्रांसफर हुआ।
इनमें से 19 वाहन ऐसे पाए गए, जिन पर चालान लंबित मिले। इनमें दोपहिया और चौपहिया वाहन शामिल हैं। अधिकांश दोपहिया वाहन हैं। एक वाहन पर तीन चालान तक हैं। इसके बावजूद ऑटो अप्रूवल की नई व्यवस्था ने इन वाहनों को दूसरे जिलों में ट्रांसफर कर दिया। अन्य राज्यों में एनओसी तक जारी कर दी गई। ऑटो अप्रूवल व्यवस्था में यह बड़ी सेंध मानी जा रही है। इससे विभाग को राजस्व का नुकसान उठाना पड़ेगा और अनियमितताओं और फर्जीवाड़े की आशंका भी बनी है।
लर्निंग लाइसेंस की गड़बड़ियों से भी नहीं लिया सबक
वाहनों से जुड़ी 52 सेवाओं को ऑटो अप्रूवल व्यवस्था में लाया गया है। इससे आवेदकों को आरटीओ नहीं जाना होगा, लेकिन इसे लागू करने से पहले लर्निंग लाइसेंस व्यवस्था का विश्लेषण करना चाहिए था। लर्निंग लाइसेंस पूरी तरह ऑनलाइन है। इसमें दर्जनों खामियां हैं। आधार में पिता और आवेदक का नाम गलत होने से डीएल बनाने में दिक्कत आ रही है। ऑटो अप्रूवल में भी ऐसी ही तमाम दिक्कतें आ रही है।
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ऑटो अप्रूवल में आ रही खामियों से मुख्यालय को अवगत कराया जा रहा है, जिससे राजस्व की हानि से बचा जा सके और आमजन के साथ धोखाधड़ी भी न हो।
- मानवेंद्र प्रताप सिंह, एआरटीओ प्रशासन