महमूद अली को न्यायिक रिमांड पर भेजा।
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सहारनपुर में धोखाधड़ी के मामले में जेल में बंद पूर्व एमएलसी महमूद अली की शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग से अदालत में पेशी हुई। अदालत ने सुनवाई के बाद उसकी न्यायिक रिमांड 14 दिनों के लिए बढ़ा दी। अब उसकी पेशी चार अगस्त को होगी, तब तक वह जेल में ही रहेगा।
खनन माफिया एवं पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल के छोटे भाई बसपा के पूर्व एमएलसी महमूद अली को मिर्जापुर पुलिस ने गत शनिवार को नवी मुंबई से गिरफ्तार किया था। वह कई मामलों में वांछित चल रहा था। पुलिस ने मिर्जापुर थाने में दर्ज धोखाधड़ी के मामले में उसे 18 जुलाई को सहारनपुर न्यायालय में पेश किया था। पुलिस ने प्रार्थना पत्र देकर महमूद अली को 14 दिन के न्यायिक अभिरक्षा में देने की मांग की थी, जिस पर आपत्ति करते हुए महमूद अली के अधिवक्ता ने जमानत प्रार्थना पत्र भी दिया था।
वहीं आपत्ति का विरोध करते हुए सहायक शासकीय अधिवक्ता गुलाब सिंह ने कहा था कि अभियुक्त का आपराधिक इतिहास है। उस पर कूट रचना के गंभीर आरोप हैं, इसलिए 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में दिया जाना जरूरी है। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश एमपी एमएलए कोर्ट मयंक प्रकाश ने पुलिस का प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए महमूद अली को 22 जुलाई तक न्यायिक अभिरक्षा में भेजे जाने के आदेश पारित किए थे।
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कोर्ट ने महमूद अली का जमानत प्रार्थना पत्र भी खारिज कर दिया था। शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से महमूद अली की कोर्ट में पेशी हुई। अदालत ने सुनवाई करते हुए रिमांड आगामी 14 दिन के लिए बढ़ा दिया है, तब तक महबूब अली जेल में ही रहेंगे। अब कोर्ट में उनकी चार अगस्त को पेशी होगी।