सहारनपुर। आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस है। सहारनपुर में कई महिलाएं हैं, जिन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी मेहनत के दम पर बुलंदी हासिल कर समाज में नजीर पेश की है। अमर उजाला ने विभिन्न क्षेत्रों में नाम कमा रहीं ऐसी ही कुछ महिलाओं को समाज के सामने लाने का प्रयास किया है। पेश है कुछ महिलाओं की सफलता की कहानी।
--वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर नैना मिगलानी प्रत्येक वर्ष गरीब लोगों को कंबल और घर की जरूरत के अन्य सामान का वितरण करती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान के बाद से वह लगातार प्रत्येक माह की नौ तारीख को गर्भवती महिलाओं को नि:शुल्क परामर्श देती हैं। समय-समय पर जिला महिला अस्पताल की ओपीडी में जाकर नि:शुल्क सेवा देती हैं। 60 वर्ष से अधिक आयु के मरीजों के लिए परामर्श शुल्क नहीं लिया जाता है। चिकित्सा के क्षेत्र में किसी निजी चिकित्सक के ऐसा सेवाभाव बेशक अन्य डॉक्टरों के लिए सबक है।
नीलम सिंघल कोर्ट रोड पर ज्वैलरी का बड़ा शोरूम चलाती हैं। उनके पास एक बड़े ब्रैंड की फ्रेंचाइजी है, जिसकी वह डायरेक्टर हैं। वह दिन भर आने वाले ग्राहकों को खुद हैंडल करती हैं। बिजनेस के साथ-साथ परिवार की जिम्मेदारियां संभालने में उन्होंने एक बैलेंस रखा हुआ है, जो उन महिलाओं के लिए सीख है, जो घर को चलाने के साथ ही बिजनेस या जॉब करने के नाम भर से डर जाती हैं। उनके पति गौतम शंकर सिंघल उन्हें अपनी लाइफ पार्टनर के साथ ही बिजनेस पार्टनर भी मानते हैं।
महिलाओं के साथ भेदभाव खत्म हो: अंजुम
सहारनपुर। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर नसीम बेसिक स्कूल में परचम संस्था ने गोष्ठी की। इसमें संयोजक डॉ. कुदसिया अंजुम ने कहा कि दुनिया भर में महिलाएं अपनी प्रतिभा और हुनर का लोहा मनवा रही हैं, मगर हमारे देश में आज भी महिलाएं खासकर ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं चूल्हा चौका तक सीमित हैं, जिनको उच्च शिक्षित कर आगे लाने की जरूरत है। उन्होंने महिलाओं के साथ भेदभाव खत्म करने की अपील की। इस दौरान नुसरत, गोविंद सैनी, नेहा शर्मा, खुशबू खान, इलमा जुबैरी, इरफान आदि ने भी विचार व्यक्त किए। इसमें प्रबंधक वसीम, अफशां, चांद उस्मानी, रूबी, सदफ, अनम, नाजिया, सना, फात्मा, फौजिया, सबीहा, शाहजमानी, आयशा आदि रहीं।
महिलाओं को मिले 50 फीसदी आरक्षण
सहारनपुर। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर जेवी जैन कॉलेज के अंग्रेजी विभाग और करियर काउंसिलिंग सेल की ओर से कार्यक्रम हुआ। इसमें कॉलेज की प्राचार्य डॉ. वकुल बंसल ने उपस्थित महिलाओं को महिला दिवस की शुभकामनाएं दी। संयोजक डॉ. महिला सिंघल ने महिलाओं की स्थिति पर बात रखी। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था है, लेकिन महिलाओं केे 33 नहीं, बल्कि 50 फीसदी आरक्षण चाहिए। इसमें डा. योगिता अरोड़ा, डॉ. शैली, डॉ. चित्रा, डॉ. प्रदीप, डॉ. प्राची आदि रहीं।
नीलम सिंघल- फोटो : SAHARANPUR