सहारनपुर के बेहट में बुधवार की रात आंधी के साथ बारिश आफत बनकर बरसी। शिवालिक पहाड़ियों पर रात भर बारिश होने से क्षेत्र की सभी बरसाती नदियों में बाढ़ आ गई।
दोपहर तक नदियों से घिरे 20 अधिक गांवों का तहसील मुख्यालय से संपर्क कटा रहा। मसखरा नदी में डूबने से एक बालक की मौत हो गई, जबकि आंधी में चलते ट्रक पर सड़क किनारे खड़ा पेड़ गिरने से परिचालक की मौत हो गई।
खुर्रमपुर गांव में जल निकासी न होने कारण बरसात का पानी घरों में घुसने से भारी नुकसान हुआ। रात करीब पौने दस बजे आंधी के साथ बारिश शुरू हुई।
पहाड़ी एवं मैदानी क्षेत्र में भारी बारिश के कारण बृहस्पतिवार की सुबह शिवालिक पहाड़ियों से निकलने वाली सभी बरसाती नदियों में बाढ़ आ गई। दोपहर 12 बजे तक नदियों से घिरे 20 अधिक गांवों का बेहट तहसील मुख्यालय से संपर्क कटा रहा।
नदियों के तेज बहाव पानी से जहां किनारे की उपजाऊ भूमि में कटाव हुआ, वहीं बाढ़ का पानी ओवर फ्लो होने से फसलों में भर गया। खुर्रमपुर गांव में जल निकासी न होने के कारण बरसात का पानी घरों में घुस गया। ग्रामीणों ने पानी में खड़े होकर रात बिताई। सामान भी पानी डूबने से खराब हो गया।
उधर, शाम चार बजे मसखरा नदी में गांव मुर्तजापुर निवासी रविंद्र का 12 वर्षीय बेटे प्रिंस की डूबने से मौत हो गई। प्रिंस गांव के ही बच्चों के साथ नदी की तरफ गया था।
बताया गया कि प्रिंस जैसे ही नदी में उतरा तो वह एक गहरे गड्ढ़े में डूब गया। बच्चों ने दौड़कर इसकी सूचना गांव में दी, जिसके बाद परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और प्रिंस को बाहर निकाला।
परिजन उसे लेकर सीएचसी पहुंचे जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए भीड़ ने हंगामा भी किया। दूसरी तरफ, बुधवार की रात में आंधी के दौरान कलसिया-फतेहपुर रोड पर सड़क किनारे खड़ा एक पेड़ यहां से गुजर रहे ट्रक के ऊपर जा गिरा।
इससे उसमें सवार परिचालक टिमली (उत्तराखंड़) निवासी अमजद की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका भाई ट्रक चालक शराफत गंभीर रूप से घायल हो गया।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल शराफत को अस्पताल पहुंचाया। बाद में मृतक के परिजन मौके पर पहुंचे और कानूनी कार्रवाई के बिना अमजद के शव को साथ ले गए।