सहारनपुर में सपा पार्टी में मचे घमासान के बाद दोनों गुटों के एक करने को लेकर हो रही कवायद पर जिले के सपाइयों की नजर लगी है। हालांकि जिले की सात सीटों में से अधिकांश प्रत्याशियों में से कुछ खुलकर और कुछ दबे स्वरों में अखिलेश यादव के साथ खडे़ हैं।
जबकि एक प्रत्याशी खुलकर मुलायम सिंह यादव के समर्थन में हैं। देवबंद से प्रत्याशी मीना राणा दोनों गुटों के एक नहीं होने पर चुनाव नहीं लड़ने की बात कर रही हैं, उन्हें उम्मीद है कि पार्टी को विजयी बनाने के लिए जल्द ही एका हो जाएगा।
टिकट वितरण को लेकर उभरे मतभेद के बाद पार्टी में मचे घमासान से सकते में आए जिले में सपा प्रत्याशियों की उम्मीद दोनों गुटों में एका को लेकर हो रही कवायद पर लगी है।
हालांकि नकुड विधानसभा सीट को छोड़कर बाकी छहों प्रत्याशियों के नाम मुुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव द्वारा घोषित दोनों लिस्टों में हैं। नकुड़ में मुलायम सिंह की लिस्ट में चौधरी इरशाद प्रत्याशी बनाए गए हैं।
जबकि अखिलेश यादव ने पूर्व सांसद तबस्सुम हसन को पार्टी का प्रत्याशी घोषित किया है। जिले के अधिकतर प्रत्याशी मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ दिख रहे हैं।
बेहट विधानसभा से प्रत्याशी और विधान परिषद सदस्य उमर अली खान और सहारनपुर देहात से चौधरी अब्दुल वाहिद खुलकर अखिलेश के साथ होने की बात कर रहे हैं।
जबकि गंगोह प्रत्याशी चौधरी रूद्रसैन और रामपुर मनिहारान की प्रत्याशी पूर्व विधायक विमला राकेश को दोनों गुटों में एका होने की उम्मीद है। हालांकि बातों से उनका रुझान भी अखिलेश के साथ दिख रहा है।
देवबंद विधानसभा सीट से सपा प्रत्याशी मीना राणा ने दोनों गुटों के एक होने पर ही चुनाव लड़ने की बात कही हैं। हालांकि जिले में घोषित सपा के तमाम प्रत्याशियों ने क्षेत्र में प्रचार अभियान की शुरूआत कर दी है।