शिव ही जीव की मुक्ति का साधन : कालेंद्रानंद
सहारनपुर। राधा-विहार स्थित औघड़दानी नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में श्रावण मास के प्रथम दिन सोमवार को भगवान शंकर का महारुद्राभिषेक और श्रृंगार किया। स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने कहा कि भोले बाबा का जलाभिषेक करने से जीव के तीन ताप शांत होते हैं। शिव ही जीव की मुक्ति का साधन है।
श्री रामकृष्ण विवेकानंद संस्थान के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने पंचामृत से भगवान शंकर महास्नान कराया। शिव सहत्र नाम स्त्रोत का पाठ कर महारुद्राभिषेक कर अबीर गुलाल से श्रृंगार किया। इससे पूर्व श्रद्घालुओं की थर्मल स्क्रीनिंग से जांच कर ही मंदिर में आने दिया और सैनिटाइजर से हाथ धुलवाए। इस मौके पर स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने कहा भगवान शंकर की पूजा अर्चना करने प्रत्येक जीव का कल्याण होता और उसके मन कभी भी भय नहीं आता है। भगवान शंकर जल्द प्रसन्न होकर अपने भक्त का कल्याण करते हैं। शिव ही परम शक्ति का मार्ग हैं। इस दौरान अरुण स्वामी, महेर चंद, डॉ. प्रभात वत्स, नरेश चंदेल, सुचेता, उमा, गीता, कविता आदि रहे।