सहारनपुर की देवबंद नगर पालिका की लापरवाही कई जानों पर भारी पड़ सकती थी। बृहस्पतिवार को पालिका द्वारा भेजे गए वाटर टैंक में मरी हुई छिपकली पड़ी मिली।
उसका पानी पीकर कई बच्चों और बड़ों को उल्टी की शिकायत होने पर निजी चिकित्सक के यहां भर्ती कराया गया। हालांकि शिकायत मिलने के कुछ समय बाद ही पालिका ने वाटर टैंक को वहां से हटवा दिया।
नगर पालिका लोगों की प्यास बुझाने के नाम पर उनकी जान से खिलवाड़ कर रही है। आलम यह है कि बृहस्पतिवार को सरसटा बाजार में पालिका के भेजे गए वाटर टैंक में मरी हुई छिपकली मिली।
जिसका पानी पीकर कुछ ही देर में कई बच्चों और बड़ों को उल्टी की शिकायत होने लगी। जिन्हें उनके परिजनों ने निजी चिकित्सक के यहां भर्ती कराया। कुछ पानी पीने वाले लोगों ने ऐतिहातन भी चिकित्सक से दवा ली।
देर रात लोगों ने पालिका के खिलाफ प्रदर्शन भी किया। प्रदर्शनकारी मो. फुरकान, गुलजार, वसीम, नसीम, गुलबहार और सलीम आदि का कहना था कि टैंक का ढक्कन खुला हुआ था। कुछ लोगों ने पानी देखने के लिए उसमें झांका तो पानी के अंदर मरी हुई छिपकली तैरती हुई मिली।
जिसके कुछ समय बाद उनके बच्चों को उल्टी की शिकायत होने लगी। वहीं, इस मामले में पालिका के अधिशासी अधिकारी पवन कुमार ने कहा कि शिकायत मिलने के दस मिनट बाद ही वाटर टैंक को वहां से हटवा दिया गया था।
ठेकेदारों को डांट लगाई गई है और मामले की जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि सभी वाटर टैंकों में पानी भरने के बाद उनके ढक्कनों को लॉक कर दिया जाएगा। हालांकि पवन कुमार ने लोगों की हालत बिगड़ने पर कहा कि कुछ लोग गलत प्रचार कर रहे हैं। किसी को कुछ नहीं हुआ।