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जानलेवा बुखार ने फिर लील ली चार जिंदगी

Sun, 20 Sep 2015 11:15 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, सहारनपुर
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गर्मी के तीखे तेवर के बीच बुखार का कहर जारी है। पिछले 24 घंटे में सरसावा के तेलीपुरा में अधेड़ की और लखनौती के पीरपुरा में तीन वर्षीय बच्ची की बुखार से मौत हो गई। गांव के तकरीबन सभी घरों में बुखार से पीड़ित है, जिनका इलाज चल रहा है। तेलीपुरा में मृतक के परिजनों ने मौत का कारण डेंगू बताया, जबकि गांव की एक अन्य महिला शहर में डेंगू के कारण नर्सिंग होम में भर्ती है। गंगोह क्षेत्र में जानलेवा बुखार से हो रही मौतों का सिलसिला रुकने का नाम नही ले रहा है। गत 24 घंटों के दौरान बुखार से एक युवती एवं वृद्ध की मौत हो गई।
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ग्राम तेलीपुरा के मनीराम 50 वर्ष की शनिवार को बुखार के कारण मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि उन्हें बीते एक सप्ताह से बुखार था। दो दिन पूर्व हालत बिगड़ने के बाद उन्हें देहरादून के मैक्स अस्पताल में भर्ती करा दिया गया था। लेकिन शनिवार को उनकी मौत हो गई। मृतक परिवार के मनोज ने बताया कि डेंगू बुखार के कारण प्लेटलेट्स घटने के कारण उनकी मौत हो गई।

शनिवार को ही गांव की लीलावती 52 वर्ष को भी बुखार के कारण सहारनपुर के नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। उधर, पूरे गांव में बुखार ने कहर बरपा रखा है। बच्चों बूढ़ों आदि समेत करीब तीन दर्जन लोगों को बुखार ने अपनी चपेट में ले रखा है। गांव के कृष्णपाल चौधरी, बाबूराम, अनूप सिंह, रविकिरण चौधरी ने बताया कि गांव भर में ऐसा कोई घर नही है जिसमें कोई बीमार ना हो।
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गांव में ममता देवी, संतोष देवी, वृंदा पुत्री मनोज, तनु पुत्री विकास, मैना रानी,  महेंद्र, कौशल पत्नी तेजपाल, शिवम पुत्र तेजपाल, सुनीता पत्नी राकेश, कुलबीर, विश्वास, गुड़िया (8) वर्ष पुत्री राकेश, रतन 50 , सुमेरी, अंकित, विपुल पुत्र कपिल, सत्तो पत्नी नरेश, अक्षय, सतेंद्री, अंकुश, निशा, वंशिका, लकी, अंशु, आर्यन, राहुल, रजनी, रीना आदि लोग बुखार का दंश झेल रहे हैं।

गांव लखनौती के मोहल्ला पीरपुरा निवासी प्रवीण की तीन वर्षीय बेटी अंशिका को पिछले पांच दिनों से बुखार आ रहा था। परिजनों ने गांव के डॉक्टर से उसका उपचार कराया, लेकिन उसकी हालत में सुधार नही हुआ। बच्ची को गंगोह के एक प्राइवेट चिकित्सक के यहां भर्ती कराया गया। वहां हालत सुधरने की बजाय बिगड़ती चली गई तो परिजन उसे सहारनपुर के एक प्राइवेट चिकित्सक के यहां भर्ती कराया। उपचार के दौरान शनिवार रात बच्ची ने दम तोड़ दिया। परिजनों के अनुसार जांच में अंशिका में मलेरिया और टाइफाइड से पॉजेटिव पाया गया था। बच्ची की मौत से परिजनों में कोहराम मचा है। मृतक बच्ची के परिजन प्रवीण, प्रदीप, जनेश्वर, बलेंद्र, हरनाम आदि भी बुखार से पीड़ित है।

गंगोह क्षेत्र में जानलेवा बुखार से हो रही मौतों का सिलसिला रुकने का नाम नही ले रहा है। गत 24 घंटों के दौरान बुखार से एक युवती एवं वृद्ध की मौत हो गई। गांव शास्त्रा निवासी किरपाल की 17 वर्षीय पुत्री नीरा को पिछले कई दिनों से बुखार आ रहा था। परिजनों ने उसका सीएचसी और निजी चिकित्सकों से इलाज कराया, लेकिन उसकी तबियत में कोई सुधार नही हुआ। रविवार को बुखार से उसकी मौत हो गई। इसके अलावा गांव रादौर निवासी 57 वर्षीय राम सिंह को भी एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। परिजनों ने उसका कई चिकित्सकों से इलाज कराया लेकिन उसकी भी मौत हो गई। पिछले तीन दिन से लगातार हो रही बुखार के रोगियों की मौत से क्षेत्र के लोगों में खौफ का माहौल है।
 
बच्चे में डेंगू की पुष्टि, दिल्ली भर्ती
लखनौती। लोहिया ग्राम धलापड़ा में डेंगू बुखार से पीड़ित तीन वर्षीय बच्चा दिल्ली के हॉस्पिटल में पिछले एक सप्ताह से जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। रूकमदीन का तीन वर्षीय बेटा हसन बुखार के चलते दिल्ली स्थित कलावती हॉस्पिटल में भर्ती है। रूकमदीन ने फोन पर बताया कि बच्चे में डेंगू बुखार की पुष्टि हुई है। गांव निवासी मुबारिक, इंतजार, प्रदीप, इरफान, दीपक आदि ग्रामीणों ने बताया कि गांव में सफाईकर्मी सफाई करने नही आता। जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। नालियां अवरुद्ध होने के कारण गंदा पानी सड़कों के बीचोंबीच बह रहा है। गंदे पानी पर पनपते मच्छर ग्रामीणों पर भारी पड़ रहे हैं। सीएचसी प्रभारी डॉ अनवर अंसारी का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजकर जांच कराई जाएगी।
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