सहारनपुर में अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या-1 वीके लाल ने युवती की हत्या के मामले में दोषी पाए जाने पर गांधी कॉलोनी बाबा लालदास रोड निवासी प्रवीण को आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सोनवीर सिंह ने बताया कि सात सितंबर 2005 को मेरठ जनपद के थाना परतापुर क्षेत्र में एक सड़क पर 25 साल की युवती का शव बरामद हुआ था। जिसकी सूचना इंदिरापुरम कॉलोनी निवासी हरवीर ने थाना परतापुर में दर्ज कराई थी। पुलिस ने पोस्टमार्टम के उपरांत शव का अंतिम संस्कार करा दिया था। समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर के बाद ब्रिज विहार कॉलोनी सहारनपुर निवासी ममता रानी ने एसएसपी मेरठ को प्रार्थनापत्र देकर बताया कि उसकी पुत्री सुजाता का 10 मार्च 2005 को सहारनपुर रेलवे स्टेशन से प्रवीण ने अपहरण कर लिया था। जिसका मुकदमा जीआरपी थाना सहारनपुर में दर्ज है।
पुलिस ने प्रवीण के खिलाफ अपहरण की धारा में आरोप पत्र भी दिया है। प्रवीण ने साक्ष्य को छुपाने के लिए सुजाता की हत्या कर दी और उसका शव परतापुर क्षेत्र में फेंक दिया। पुलिस ने विवेचना उपरांत प्रवीण के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने की धारा में आरोप पत्र दाखिल किया था।
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एडीजीसी सोनवीर सिंह ने बताया कि ममता रानी द्वारा उच्च न्यायालय इलाहाबाद में मुकदमा मेरठ से सहारनपुर स्थानांतरण हेतु प्रार्थना पत्र दिया था। स्वीकृति उपरांत मेरठ से सहारनपुर न्यायालय में मुकदमा स्थानांतरित हुआ था। सहारनपुर में अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या-1 वीके लाल ने मामले की सुनवाई के उपरांत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर प्रवीण को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। प्रवीण पहले से ही जेल में बंद है।
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