सहारनपुर। कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की किल्लत ने रुला दिया था। अब तीसरी लहर की आशंका है, जिससे पहले ऑक्सीजन प्लांटों का संचालन शुरू होना बेहद जरूरी है। जिले में 13 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ऑक्सीजन प्लांट लगने हैं, लेकिन अभी तक किसी जगह प्लेटफार्म बना है तो किसी जगह पाइपलाइन बिछी है। एक भी सीएचसी पर प्लांट का संचालन शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में अगर तीसरी लहर आती है तो जिले को एक बार फिर ऑक्सीजन की किल्लत से जूझना पड़ सकता है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि जुलाई के अंत तक प्लांट स्थापित हो जाएंगे।
दरअसल, कोरोना की जब दूसरी लहर आई थी तो, उस समय ऑक्सीजन ने ही लोगों को बुरी तरह परेशान किया था। प्रशासन को भी जिले में ऑक्सीजन की व्यवस्था कराने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी। जिलाधिकारी को खुद हरिद्वार के ऑक्सीजन प्लांट तक जाना पड़ा था। हर दिन ऑक्सीजन की किल्लत से मरीजों की सांस उखड़ रही थीं। इसी के चलते जिले में विधायक निधि से 11 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और सीएसआर ( कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी) से दो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ऑक्सीजन प्लांट लगाने की स्वीकृति मिली। इसकी मंजूरी शासन स्तर से भी हो चुकी है, लेकिन इन सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर अभी तक ऑक्सीजन प्लांट स्थापित नहीं हो सके हैं।
रामपुर मनिहारान में अभी तक प्लांट की स्थापना का कार्य ही शुरू नहीं हुआ। इस अस्पताल के प्रभारी का कहना है कि अभी शासन से मंजूरी नहीं हुई है। फतेहपुर सीएचसी में प्लेटफार्म बन चुका है, 50 बेड वाले अस्पताल में ऑक्सीजन की पाइपलाइन पहले ही बिछाई जा चुकी है।
उधर, देवबंद सीएचसी प्रभारी डॉ. इंद्राज सिंह ने बताया कि ऑक्सीजन प्लांट के लिए पाइपलाइन बिछ चुकी है, अभी प्लांट लगना आरंभ नहीं हुआ है। वहीं, नानौता अस्पताल में भी प्लेटफार्म बनकर तैयार हो गया है, पाइपलाइन भी बिछा दी गई है, लेकिन प्लांट की मशीनें स्थापित होनी बाकी हैं।
इन पर विधायक निधि से लगेंगे प्लांट
सीएचसी रामपुर मनिहारान, सीएचसी नागल, सीएचसी गंगोह, सीएचसी नकुड़, सीएचसी सरसावा, सीएचसी चिलकाना, सीएचसी देवबंद, सीएचसी रणखंडी, सीएचसी जड़ौदा पांडा, सीएचसी हरोडा और सीएचसी बेहट। सीएचसी फतेहपुर और सीएचसी नानौता पर सीएसआर यानी कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी के तहत प्लांट लगाए जाने हैं।
जिन अस्पतालों में ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट लगने हैं, वहां प्लेटफार्म आदि का कार्य चल रहा है। पाइप लाइन भी बिछाई गई है। जुलाई माह के अंत तक ऑक्सीजन प्लांट स्थापित कर संचालन शुरू हो जाएगा। - नवदीप गुप्ता, नोडल अधिकारी