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हवा में कम घुला जहर, 212 रही हवा की गुणवत्ता

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रामनगर में दीपावली पर आतिशबाजी के दौरान फैलता धुआं। - फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। दीपावली पर हुई आतिशबाजी ने इस बार हवा में कम जहर घोला है। बीते चार साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो लगता है कि लोग पर्यावरण को लेकर सतर्क हुए हैं। इस बार दीपावली पर हुई आतिशबाजी में एक्यूआई (हवा की गुणवत्ता) 212 दर्ज किया गया है, जो चार साल पहले 381 तक पर पहुंच गया था।
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वर्ष 2019 में दीपावली पर आतिशबाजी के करण एक्यूआई 381 रहा था, जो वर्ष 2020 में घटकर 374 पर आ गया था। यानी 2019 की तुलना में 2020 में कम आतिशबाजी हुई थी। बीते वर्ष 2021 में दीपावली पर एक्यूआई 270 रहा था, जो इस बार घटकर 212 पर आ गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी भी इससे खुश हैं कि हवा कम खराब हो रही है। हवा की गुणवत्ता मापने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने शहर में दो जगह मशीनें लगाई हुई हैं। इनमें एक घंटाघर चौक और दूसरी आईआईटी रुड़की के सहारनपुर स्थित परिसर में लगी है। इस बार की दीपावली पर 24 अक्तूबर की सुबह छह बजे से 25 अक्तूबर की सुबह छह बजे तक घंटाघर क्षेत्र का एक्यूआई 215 रहा, जो बीते वर्ष 2021 में 268 था। इसी प्रकार आईआईटी परिसर में एक्यूआई 209 रहा है, जो बीते वर्ष 2021 में 283 दर्ज किया गया था। दीपावली से पहले सहारनपुर में एक्यूआई 110 और 130 के बीच चल रहा था।
हवा की गुणवत्ता और उसकी स्थिति
एक्यूआई शून्य से 50 के बीच रहे तो अच्छा
51 और 100 के बीच रहे तो संतोषजनक
101 और 200 के बीच रहे तो सामान्य
201 और 300 के बीच रहे तो खराब
301 और 400 के बीच रहे तो बेहद खराब
401 से 500 के बीच रहे तो गंभीर
ध्वनि प्रदूषण में भी आई कमी
सामान्य दिनों में शहर का ध्वनि प्रदूषण 55 से 60 डेसीबल तक रहता है, जिसमें भी इस बार कमी दर्ज की गई है। ध्वनि प्रदूषण मापने के लिए महानगर में चार जगह मशीनें लगाई गई थीं। घंटाघर चौक क्षेत्र में 71.1 डेसीबल दर्ज किया गया, जो बीते वर्ष 2021 में 71.9 डेसीबल था। हॉस्पिटल चौक पर 65.2, आवास विकास क्षेत्र में 56.4 और दिल्ली रोड स्थित इंडस्ट्रियल क्षेत्र 67.7 डेसीबल दर्ज किया गया है। बीते वर्ष 2021 में चंद्रनगर में 72.4, दिल्ली रोड स्थित हसनपुर में 74 और घंटाघर पर 69.2 डेसीबल दर्ज किया गया था।
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दीपावली पर होने वाली आतिशबाजी में लगातार कमी आ रही है, जिसका प्रमाण एक्यूआई के आंकड़े हैं और यह पर्यावरण व पूरी मानव जाति के लिए अच्छा संकेत है। हमें लगता है कि लोग पर्यावरण को लेकर जागरूक हुए हैं। बीते वर्षों की तुलना में इस बार दीपावली पर एक्यूआई 212 दर्ज किया गया है। शोर प्रदूूषण में भी बीते वर्ष की तुलना में काफी कमी आई है।
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-- डॉ. डीसी पांडेय, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।
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