सहारनपुर। जिले को कुष्ठ रोग से मुक्त कराने के लिए 21 दिसंबर से चार जनवरी तक कुष्ठ रोगी खोज अभियान चलेगा। स्वास्थ्य विभाग इस अभियान को पल्स पोलियो की तरह चलाएगा। घर-घर जाकर कुष्ठ रोगी खोजे जाएंगे। सर्वे के लिए 3387 टीमें बनाई गई हैं, जिनका प्रशिक्षण शुरू हो गया है।
जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. धर्मवीर सिंह ने बताया कि पल्स पोलियो की तरह कुष्ठ रोगी खोज अभियान जिले के सभी ब्लॉकों व शहरी क्षेत्रों में चलाया जाएगा। इस दौरान आशा कार्यकर्ता और पुरुष सहयोगी की टीम घर-घर जाकर संभावित लक्षणों वाले कुष्ठ रोगियों को चिह्नित करने का काम करेंगी। इस अभियान के लिए 3386 टीमें गठित की गई हैं, जो प्रतिदिन ग्रामीण क्षेत्र में 15 से 20 घर के लगभग 100 लोगों और नगर क्षेत्र में 20 से 25 घरों के लगभग 125 व्यक्तियों की जांच करेंगी। इसमें आंगनबाड़ी को भी लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले में 66 कुष्ठ रोगी हैं। इनमें 10 पासी बैसिलरी (पीबी) और 56 मल्टी बैसिलरी (एमबी) के मरीज हैं।
कुष्ठ रोग की दो श्रेणियां
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव मांगलिक ने बताया कि कुष्ठ रोग की दो श्रेणियां हैं। पीबी श्रेणी के कुष्ठ रोगियों का इलाज छह महीने तक होता है। मल्टी बैसिलरी (एमबी) श्रेणी के मरीजों का इलाज एक साल तक चलता है। कुष्ठ रोगियों का नियमित इलाज के बाद रोग के कीटाणु समाप्त हो जाते हैं।
किस क्षेत्र में कितने कुष्ठ रोगी
शहरी क्षेत्र - 09
पुवांरका - 05
बलियाखेड़ी 06
देवबंद 11
रामपुर मनिहारान - 04
नागल - 09
नानौता - 04
साढ़ौली कदीम - 04
मुजफ्फराबाद - 06
गंगोह 02
नकुड़ 04
सरसावा 02