लेखपाल साहब...म्हारे घर की बिजली चली गई, ठीक करवा दो
सहारनपुर। लेखपाल साहब...म्हारे घर की बिजली चली गई है, इसे ठीक करवा दो। यह वाक्य सुनने में अजीब लग रहा होगा। लेकिन अब ऐसे ही नियम होने जा रहे हैं। खसरा खतौनी और पैमाईश का काम देखने वाले लेखपाल अब बिजली आपूर्ति, ब्रेक डाउन, फाल्ट सहित अन्य समस्याओं को देखेंगे। सोमवार को निजीकरण के विरोध में प्रस्तावित बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के मद्देनजर शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन यह व्यवस्था कर रहा है। विद्युत कर्मचारियों का विरोध बढ़ा तो यह हड़ताल लंबी खिंच सकती है।
जिले के प्राथमिक विद्युत उपकेंद्रों और विद्युत उपकेंद्रों पर नियमित कर्मचारियों के न होने की स्थिति में लेखपालों, राजस्व निरीक्षकों, ग्राम सचिवों और ग्राम विकास अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जा रही है। इन्हें पर्यवेक्षक या निगरानी अधिकारी के रूप में नियुक्त किया जा रहा है। डीएम अखिलेश सिंह के निर्देश के बाद अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) एसबी सिंह ने नामित होने वालों की सूची मंगवाई गई है। ताकि ड्यूटी तय की जा सके। बिजली से संबंधित शिकायत या समस्या के निदान के लिए इनके साथ संविदा या तकनीकी कर्मचारी लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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बिजली के काम का ज्यादा पता नहीं, ड्यूटी तो करेंगे
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के अध्यक्ष राममूरत यादव का कहना है कि लेखपालों को खसरा खतौनी और जमीन जायदाद के बारे में तो जानकारी है। बिजली के काम के बारे में ज्यादा नहीं पता। लेकिन ड्यूटी दी जा रही है तो लेखपाल करेंगे, जहां समस्या आएगी तो संविदा या अन्य तकनीकी कर्मचारी की मदद लेने का प्रयास करेंगे।
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