बेसिक शिक्षा विभाग की परीक्षाएं निपटने के बाद उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य भी खानापूर्ति तक सीमित रह गया। परीक्षा में किसी भी परीक्षार्थी को फेल नहीं करने के आदेश हैं। ऐसे में परीक्षा में अनुपस्थित रहने और कॉपी कोरी छोड़ने वाले परीक्षार्थियों को भी उत्तीर्ण कर दिया गया।
जनपद के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में वार्षिक परीक्षाएं 14 मार्च से शुरू होकर 20 मार्च को संपन्न हुई। जनपद के करीब डेढ़ लाख छात्र-छात्राओं की परीक्षाएं इसी उद्देश्य के साथ कराई गई थी कि उनके द्वारा साल भर पढ़ाई करने के बाद प्राप्त ज्ञान को परखा जा सके। परीक्षा परिणाम 30 मार्च से पहले घोषित होगा।
इसके लिए उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य चल रहा है। ज्यादातर विद्यालयों में यह प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। लेकिन मूल्यांकन कार्य में तैनात शिक्षकों की ओर से उत्तर पुस्तिकाओं की जांच की गई तो कई कॉपियां कोरी नजर आई। परीक्षकों द्वारा ऐसे परीक्षार्थियों को उत्तीर्ण कर दिया गया। वहीं, जो परीक्षार्थी परीक्षा देने नहीं पहुंचे, उनको भी बिना कोई कारण पूछे पास कर दिया गया।
पीसीएस में चयन होने पर किया स्वागत ः अंबेहटा। शंभूगढ़ गाव निवासी भानू प्रताप सिंह ने दयानंद इंटर कालेज में शिक्षा ग्रहण करने के बाद पीसीएस की परीक्षा दी थी। इसमें उन्होंने सफलता हासिल कर ली। भानू को विद्यालय की ओर से भानू प्रताप सिंह को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। इस दौरान प्रबंधक नरेश शर्मा, गुले महताब, इंद्रभूषण मित्तल, चैन सिंह, मेहर सिंह, रामदास आदि मौजूद रहे।
अधिकारी कहिन
शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत कक्षा आठ तक किसी भी छात्र को फेल नहीं करने का प्रावधान है। इसी को देखते हुए उत्तर पुस्तिकाओं की जांच हुई है। फिलहाल परीक्षा में उपस्थित रहने वाले छात्र-छात्राओं का परीक्षा परिणाम ही घोषित किया जाएगा।
- बुद्धप्रिय सिंह, बीएसए