- संपत्तियों के मिलान में कर संग्रहकर्ताओं के छूट रहे पसीने
- निगम के कई टीसी लगा रहे हैं सर्वे करने में लापरवाही बरतने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। महानगर में भवनों और संपत्तियों के किए गए सर्वे में झोल है। जिस कारण कर विभाग के अधिकारी परेशान है। भवनाें और संपत्तियों पर नए सिरे से कर लगाने के लिए कराए गए सर्वे पर नगर निगम के टीसी यानी कर संग्रहकर्ता सवाल उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि सर्वे करने वालों ने कई संपत्तियां छोड़ दी हैं, जबकि कई संपत्तियां ऐसी दर्ज कर ली हैं, जो मौके पर मिल नहीं रही हैं। ऐसे में मिलान करने में उन्हें परेशानी आ रही है।
नगर निगम क्षेत्र में आने वाले भवनों और संपत्तियों का सर्वे 2015 में निगम कर्मचारियों के ही द्वारा किया गया था। तब के सर्वे के आधार पर ही अभी तक संपत्तियों और भवनों पर कर लगा हुआ है। तब से अब तक अनेक नए भवन बन चुके हैं। शासन स्तर से भवनों और संपत्तियों के सर्वे के लिए एक कंपनी को 13 करोड़ में ठेका दिया गया था। करीब दो साल से सर्वे का कार्य चल रहा है। ज्यादातर सर्वे पूर्ण हो चुका है।
अब नगर निगम अपने टीसी से सर्वे कंपनी द्वारा किए गए सर्वे से भवनों का मिलान करा रहा है। प्रत्येक वार्ड में एक सर्वेयर और एक टीसी जाकर संपत्तियों का पुराने रिकॉर्ड से मिलान कर रहे हैं। चूंकि करीब सात साल बाद सर्वे हो रहा है तो निश्चित तौर पर नए भवन बढ़े हैं, लेकिन मिलान में कई पुरानी संपत्तियां और भवन टीसी को नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में मिलान नहीं हो पा रहा है। टीसी का आरोप है कि सर्वे ठीक से नहीं हुआ है और कई भवनों को छोड़ दिया गया है।
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पांच टीसी को नोटिस जारी
संपत्तियों के मिलान के लिए संयुक्त टीम बनाई गई हैं। टीम में एक सर्वेयर और एक टीसी घर-घर जा रहे हैं। कुछ जगहों पर टीसी की लापरवाही के चलते पांच टीसी को नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं।
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वर्जन:-
सर्वे करना कंपनी का काम है। इन दिनों सर्वे कंपनी और निगम की संयुक्त टीमें वार्डों में जाकर संपत्तियों का मिलान कर रही हैं। यदि कोई भवन या संपत्ति छूटी है तो उसे शामिल कराना विभाग का कार्य है। कोई भी भवन या संपत्ति छूटने नहीं दी जाएगी।
- मृत्युंजय यादव, अध्यक्ष, कर विभाग/अपर नगरायुक्त।