कारागार और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रमुख सचिव राजेंद्र तिवारी ने सोमवार की रात लोहिया गांव खजूरहेड़ी का दौरा कर विकास कार्यों की हकीकत जानी। उन्होंने विकास योजनाओं के संबंध में ग्रामीणों से जानकारी एकत्र की।
सोमवार की रात सरकारी अमले के साथ गांव के प्राथमिक विद्यालय में पहुंचे प्रमुख सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने सबसे पहले गांव की सड़कों, चकरोडों, सोलर लाइट और तालाबों के बारे में ग्रामीणों से जानकारी ली।
ग्रामीणों ने गांव के तालाबों पर दबंगों का कब्जा होने की शिकायत करने पर प्रमुख सचिव का पारा चढ़ गया। उन्होंने एसडीएम नकुड हीरालाल को दो दिन के भीतर पैमाइश कराकर तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराकर रिपोर्ट भेजने के आदेश दिए।
बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गांव केउपभोक्ताओं की ओर से करीब साढ़े सोलह लाख रुपये बकाया है। इस पर उन्होंने ग्रामीणों से शीघ्र बकाया जमा कराने को कहा।
इसके बाद प्रमुख सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने सरकार द्वारा मेधावी छात्र, छात्राओं को बांटे गए लैपटाप का भी सत्यापन किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने खसरा, खतौनी, सभी प्रकार की पेंशन, शुलभ शैचालयों, राशन वितरण, स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में भी ग्रामीणों से जानकारी हासिल की।
इंदिरा व लोहिया आवास के लाभार्थियों से भी योजना की हकीकत को जाना। इस दौरान ग्रामीणों ने बिजली का बिल जमा कराने के बाद भी बकाया अगले बिल मे जुड़ कर आने, गांव के दूषित पानी व बुधवार को स्कूल में बच्चों को दूध न मिलने की शिकायत प्रमुख सचिव से की।
पानी की जांच कराने व पानी दूषित मिलने पर हैंडपंप पर रेडक्रास का निशान लगाने को कहा। इसके बाद प्रमुख सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए सफाई व बालिका शिक्षा के प्रति जागरूक किया।
इस दौरान प्रभारी जिलाधिकारी मोनिका रानी, प्रभारी एसएसपी जगदीश सिंह, एडीएम प्रशासन ओपी वर्मा, जिला विकास अधिकारी विक्रम सिंह, बीएसए बुद्वप्रिय सिंह, जिला परियोजना प्रबंधक रविंद्र सिंह, एसडीएम हीरालाल सिंह, सीओ हरीप्रकाश कसाना के अलावा सभी विभागों के तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे।
प्रधान के पति को स्वागत करने से रोका
प्रमुख सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी जैसे ही गांव खजूरहेड़ी के प्राथमिक विद्यालय में पहुंचे तो प्रधान के पति जाकिर अहमद ने सभी अधिकारियों को बुकें भेट उनका सम्मान किया।
इसी दौरान पता करने पर मुख्य सचिव को मालूम हुआ कि गांव की प्रधान महिला है, तो उन्होंने कार्रवाई को तुरंत रोक दिया। प्रधान को बैठक में बुलाने को कहा। करीब 20 मिनट बाद ग्राम प्रधान शबाना बैठक में पहुंची तो मुख्य सचिव ने उन्हें उनके कर्तव्यों का बोध कराते हुए बैठक की कार्रवाई शुरू कराई।