सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नए साल पर जन्मा बच्चा
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सहारनपुर। नववर्ष के पहले दिन जनपद में सवा सौ से अधिक घरों में बच्चों की किलकारियां गूंजी। महिला जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राइवेट अस्पतालों में बच्चों ने जन्म लिया। किसी के घर में बेटी ने जन्म लेकर खुशियां बिखेरी तो किसी के घर बेटे का जन्म हुआ। इस मौके पर उन्होंने मिठाई बांटकर परिवार के साथ खुशी मनाई।
साल के पहले दिन कोई लक्ष्मी रूपी बेटी पाकर अपने आप को खुशनसीब मानता दिखा तो कोई बेटे के जन्म पर खुशी में झूमता नजर आया। कई दंपतियों की मानें तो उनकी इच्छा थी कि उनका बच्चा नए साल वाले दिन ही पैदा हो। महिला जिला अस्पताल में नव वर्ष शुरू होते ही रात 12 बजे से शाम पांच शाम बजे तक 12 बच्चों ने जन्म लिया। इसी तरह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर चार बच्चों का जन्म हुआ। इनमें से तीन दंपतियों को लड़के और एक दंपती को लड़की के रूप में संतान हासिल हुई। यहां भर्ती चौरी मंडी निवासी अंकुर की पत्नी मोनिका ने बेटे को जन्म दिया। उनका कहना है कि नए साल पर ईश्वर ने उन्हें अनूठा उपहार दिया है। बाजोरिया रोड स्थित सोना ट्रामा एंड मैटरनिटी सेंटर में देवबंद निवासी वंदना को बेटा हुआ। इस मौके पर उन्हें मिठाई बांटकर परिवार के साथ खुशी मनाई। वहीं, रायपुर निवासी अंजली को बेटी हुई। कहती हैं कि अब बेटे और बेटी में कोई अंतर नहीं है। वह अपनी बेटी को बेटे सा मान देगी। नए साल पर लक्ष्मी आने से उन्हें बेहद खुशी है।
बच्चे को जन्म देने को लेकर पहले की हुई थी तैयारियां
नए साल की पहली सुबह सवा सौ परिवारों को अनमोल तोहफा मिलने से बच्चे के माता-पिता सहित परिजनों में भी खुशी की लहर रही। वहीं, कुछ दंपतियों ने साल के पहले दिन बच्चे को जन्म देने को लेकर पहले से ही तैयारियां की हुई थी। इसके लिए उन्होंने डॉक्टर से सलाह कर साल के पहले दिन ही सर्जरी के माध्यम से बच्चे को जन्म दिया। इसी के साथ कुछ दंपतियों ने अपने परिवार को नए साल पर खास खुशी देने के लिए डिलीवरी की तारीख के बाद भी नए साल पर बच्चे को जन्म देने के लिए डॉक्टर से गुजारिश कर एक-दो दिन ज्यादा इंतजार किया।