सरसावा। राजकीय मेडिकल कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय गुर्दा दिवस मनाते हुए प्राचार्य डॉ. सुधीर राठी ने कहा कि गुर्दा शरीर का बेहद संवेदनशील अंग है जो शरीर में किसी भी बीमारी का पूर्व लक्षण बता देता है। इसलिए रक्तचाप एवं ब्लड शुगर को नियंत्रित रखें। ये दो बीमारियां गुर्दा रोग का मुख्य कारण बनती है।
बृहस्पतिवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में अंतरराष्ट्रीय गुर्दा दिवस मनाया गया। प्राचार्य डॉ. सुधीर राठी ने गुर्दा रोग के कारण और निवारण के विषय में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस बार गुर्दा दिवस की थीम गुर्दे का स्वास्थ्य सभी के लिए है। डॉ. सुधीर राठी ने कहा कि ये एक वैश्विक अभियान है, जिसमें आमजन को गुर्दे की बीमारियों के प्रति जागरूक करते हुए बीमारी पर नियंत्रण पाने की जानकारी प्रदान करना है। डॉ. सुधीर राठी ने कहा कि अनियंत्रित रक्तचाप तथा ब्लड शुगर गुर्दा रोग के मुख्य लक्षण है, इसलिए चिकित्सक से नियमित रूप से सलाह लेते रहे। गुर्दा दिवस के अवसर पर पीजी एवं एमबीबीएस छात्रों तथा डायलिसिस टेक्नीशियनों ने ओपीडी परिसर में मरीजों तथा तीमारदारों को गुर्दा रोग के प्रति जागरूक किया। इस अवसर पर डॉ. वीरेंद्र सिंह, डॉ. सुशील शर्मा, डॉ. गगन गर्ग, डॉ. सत्यानंद, डॉ. देवेंद्र बोहरा, डॉ. नवाब, डॉ. अनिल आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।
गुर्दे को स्वस्थ रखने के लिए चिकित्सकों की सलाह
स्वस्थ और सक्रिय रहें
ब्लड शुगर का स्तर सामान्य रखें
रक्तचाप नियंत्रित रखते हुए नियमित रूप से जांच कराएं
वजन को नियंत्रित रखें
धूम्रपान से बचें
गुर्दे की नियमित जांच कराएं
बिना डॉक्टर की सलाह के गुर्दा संबंधित किसी भी प्रकार की दवा ना लें