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बजट के अभाव में जिले में दम तोड़ गई खेलो इंडिया

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गांव अध्याना में वह भूमि, जहां स्टेडियम बनाया जाना है। - फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी खेलो इंडिया योजना बजट जारी नहीं होने की वजह से जिले में दम तोड़ती नजर आ रही है। महानगर को छोड़कर जिले में कहीं भी स्टेडियम नहीं है। नकुड़ ब्लॉक के गांव अध्याना में सात एकड़ भूमि चिह्नित कर स्टेडियम बनाने का प्रस्ताव बनाकर प्रदेश सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार को भेजा गया था, जिसे दो साल बीत गए। दस करोड़ की लागत से स्टेडियम बनना है, लेकिन आज तक बजट जारी नहीं हुआ है।
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महानगर में डाक्टर भीमराव आंबेडकर स्टेडियम हैं, लेकिन देहात क्षेत्र में कहीं भी स्टेडियम नहीं है। दो साल पूर्व स्टेडियम बनाने के लिए जमीन की तलाश की गई। जिला युवा एवं प्रादेशिक विकास दल विभाग ने विकासखंड नकुड़ के गांव अध्याना में सात एकड़ भूमि चिह्नित कर स्टेडियम बनाने का प्रस्ताव राज्य सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार को भेजा। प्रस्ताव में खेलो इंडिया के तहत बनने वाले स्टेडियम के सभी मानकों को पूरा किया गया, जिसका बजट दस करोड़ रुपये रखा गया, लेकिन दो साल बीतने के बाद भी आज तक स्टेडियम के लिए बजट जारी नहीं हुआ है।
भायला में स्टेडियम के लिए नहीं मिल रही जगह
सहारनपुर। देवबंद क्षेत्र के गांव भायला में स्टेडियम बनाया जाना है, लेकिन इसके लिए विभाग को एक वर्ष बीतने के बावजूद जमीन नहीं मिल पाई है। यह स्टेडियम भी खेलो इंडिया योजना के तहत बनेगा, लेकिन जमीन नहीं मिलने की वजह यहां भी योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है।
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प्रत्येक विकासखंड में बनाए जाने हैं खेल मैदान
सहारनपुर। खेलो इंडिया के तहत जनपद के सभी के विकासखंड सढ़ौली कदीम, मुजफ्फराबाद, पुवांरका, बलियाखेड़ी, सरसावा, नकुड़, गंगोह, रामपुर मनिहारान, नागल, नानौता, देवबंद क्षेत्र में भी खेल मैदान बनाए जाने हैं, लेकिन दो वर्ष से विभाग जमीन की तलाश कर रहा है। मगर, भूमि नहीं मिल पाई है। इसलिए विकासखंड स्तर पर छोटे खेल मैदान भी नहीं बन पाए हैं।
कैसे उभरें ग्रामीण क्षेत्र की खेल प्रतिभाएं
सहारनपुर। सहारनपुर में सिर्फ शहर में डाक्टर भीमराव आंबेडकर स्टेडियम है, लेकिन देहात क्षेत्रों में स्टेडियम तो दूर ब्लॉक स्तर पर खेल मैदान भी नहीं है। इस वजह से देेहात क्षेत्रों की खेल प्रतिभाएं नहीं उभर पा रही है। खिलाड़ियों को शहर का रुख करना पड़ता है, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर खिलाड़ी रोजाना आने-जाने का खर्चा नहीं उठा पाते हैं, जिस कारण उनकी प्रतिभा उभर नहीं पाती है।
हमारी ओर से दो वर्ष पूर्व अध्याना में स्टेडियम बनाए जाने का प्रस्ताव प्रदेश और राज्य सरकार को भेजा चुका है, लेकिन बजट नहीं मिलने की वजह से स्टेडियम के लिए कोई काम शुरू नहीं हो सका। इसी तरह प्रत्येक विकासखंड स्तर पर खेल मैदान बनाने हैं, लेकिन भूमि नहीं मिल रही है। इसी तरह देवबंद के भायला में स्टेडियम बनाना है। मगर, इसके लिए भी भूमि नहीं मिल पाई है। खिलाड़ियों की समस्याओं को देखते हुए शासन को पत्र लिखा जाएगा। - विशाल कुमार, जिला युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी।
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