सर्दी शुरू हो चुकी है। इसके साथ ही बीपी, दिल का दौरा और ब्रेन हेमब्रेज के मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है। शुगर के मरीज, अधिक शराब पीने वाले, धूम्रपान करने वाले और फैटी लोगों को लापरवाही भारी पड़ सकती है।
हाइपरटेंशन यानी उच्च रक्तचाप आज मेडिकल की दुनिया में बड़ी समस्या बन चुका है। दुनिया में करीब एक अरब से अधिक लोग इसकी चपेट में हैं। भारत में इनकी संख्या करीब 12 करोड़ है। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. संजीव मिगलानी ने बताया कि तेज सर्दियों में केटीकोलामिन का रिसाव बढ़ जाता है।
इसमें ब्लडप्रेशर बढ़ने से ब्रेन हेमब्रेज और हार्ट अटैक होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे मरीजों को ब्लडप्रेशर की दवा छोड़नी नहीं चाहिए। बताया कि भारत में 66 फीसदी मरीज अपना ब्लडप्रेशर नियंत्रित नहीं कर पाते हैं, जिसके नुकसान उन्हें कभी-कभी अपनी जान गंवाकर उठाना पड़ता है। सामान्य व्यक्ति का उच्च रक्तचाप 80 और 120 के बीच रहना चाहिए।
इन लोगों को अधिक खतरा
धूम्रपान करने वालों, अधिक नमक खाने वालों, अधिक शराब पीने वालों, गुस्सा और चिंता करने वालों, शुगर के मरीजों, फैटी यानी मोटे लोगों, व्यायाम न करने वालों को हार्ट अटैक और ब्रेन हेमब्रेज का खतरा अधिक रहता है। ऐसे लोगों को चाहिए कि वह सर्दियों में सुबह चार बजे से दस बजे तक बिस्तर में ही रहें या बाहर कोहरे और ठंड में न निकले।