जूनियर छात्रों ने रैगिंग की बात को नकारा
सहारनपुर। शेखुल हिंद मौलाना महमूद हसन मेडिकल कॉलेज पिलखनी में पिछले दिनों कथित तौर पर रैगिंग को लेकर वायरल हुआ शिकायती पत्र झूठा साबित हो रहा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए कॉलेज प्रधानाचार्य ने जांच कराई है, जिसमें जूनियर छात्रों ने रैगिंग की बात को नकारते हुए किसी प्रकार का कोई पत्र किसी को भेजने की बात से इनकार किया है।
बीते दिनों एक शिकायती पत्र अधिकारियों को भेजा गया था। जिसमें शिकायत करने वाले छात्रों के नाम या पहचान नहीं थी। पत्र में कहा गया था कि वह वर्ष 2021 बैच के जूनियर और 2020 बैच के स्पेशियलिटी के छात्र हैं। सीनियर छात्र उनकी रैगिंग करते हैं। जिसकी वजह से वह मानसिक रूप से प्रताड़ित हैं और अपनी पढ़ाई तक नहीं कर पा रहे हैं। आरोप था कि उनकी निजी जिंदगी और परिवार पर भी टिप्पणी की जाती है, जिससे वह खुद को अपमानित महसूस करते हैं।
मामले में प्रधानाचार्य डॉ. अरविंद त्रिवेदी ने जांच बैठाई थी। जांच समिति ने जूनियर छात्रों से बात की, जिसमें जूनियर छात्रों ने लिखकर दिया है कि उनके साथ कोई रैगिंग या दुर्व्यवहार नहीं हुआ है। उन्होंने लिखा था कि वह 2021 बैच के छात्र हैं। रैगिंग को लेकर उन्होंने कोई पत्र किसी को नहीं भेजा है। उनके सीनियर छात्र यानी 2020 बैच के छात्र उनके साथ मददगार रहते हैं। उनके साथ अभी तक किसी प्रकार का दुर्व्यवहार नहीं हुआ है।